Skip to main content
Loading page, please wait…
Vaidra Logo
Vaidra

Top 7 items + smart groups

UPSC GPT
New
Mains Evaluator
Test Generator
Geography Lab
New
History Lab
New
Current Affairs
Daily Solutions
Daily Puzzle

Version 2.0.0 • Built with ❤️ for UPSC aspirants

UPSC Compulsory Language PYQs 2014 | Vaidra | Vaidra
  1. Home
  2. Practice
  3. PYQs
  4. Compulsory Language
  5. 2014

Compulsory Language UPSC PYQ 2014

10 questions from the UPSC 2014 examination. Showing a preview of 3 below — generate a full practice test to solve the rest.

3 questions

1Mediummains60 marks
Compulsory Language
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसकके आधार पर, उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट और शुद्ध भाषा में दीजिए। 12×5 = 60
वैश्विक पैमाने पर लोगों की एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की प्रक्रिया शताब्दियों पहले शुरू हुई थी जबमनुष्य जाति ने समूहों में एक क्षेत्रा से दूसरे क्षेत्रा में विभिन्न कारणों से जाना शुरू किया है। ये कारण थे-चारागाहों अथवा कृषियोग्य भूमि की तलाश, निष्ठुर शासन अथवा यंत्राणा से पलायन, विचार अथवा अभिव्यक्ति की स्वतंत्राता की चाहत अथवा मात्रा घूमने की लालसा। आप्रवास अपने सामान की तरह अपने सांस्कृतिक अधिपत्य को संजोते हैं और मार्ग में अथवा नयी व्यवस्था में उसे प्रोन्नत करने का प्रयत्न करते हैं। मार्ग में मिलने वाली दूसरी जनजातियों से वे या तो युद्ध या व्यापार या विवाह या समान उपक्रमों के माध्यम से साहचर्य स्थापित करते हैं। शुरूआत में वाग्युद्ध का तनावपूर्ण समय रहता है, कुछ समय बाद वातावरण शान्त हो जाता है और शान्ति अपने पूरे कौशल एवं रचनात्तमक के साथ फलने-फूलने लगती है। लेन-देन सम्बन्धों का आधार बन जाता है। किसी भी संस्कृति के अधिपत्य के बिना एक स्वतंत्रा वातावरण में प्रत्येक समूह एक बहुमुखि समाज के रूप में पनपता है। अतः स्मभव है कि मंगोलिया के लोग अलास्का चले गए हों, एंग्लो-सेक्सन ब्रिटेन में बस गए हों, शायद हज़रत मूसा ने चुने हुए लोगों का पवित्रा या पूर्व-निर्धारित भूमि की तलास में नेतृत्व किया हो। शायद कोलम्बस ने यूरोपीय देशों को वैश्विक दुस्साहस की ओर अभिमुख करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। तभी से उपनिवेशवाद दूसरे देशों एवं संस्कृतियों को जीतने का एक साधन बन गया और इन विजित देशों को विजेताओं के प्रभुत्व में लाने लगा। आज व्यापार और धंधा बड़े पैमाने पर लोगों के एक देश से दूसरे देश को स्थानान्तरण के शक्तिशली कारण है। प्रत्येक समूह पूर्वजों का अन्तर्बोध, पुराने घर की मीटी-स्मृति, एक बीतहे हुए समय को संजोए रखता है। एक या दो पीढ़ी गुज़र जाने के बाद सम्मिलन पुराने सम्बन्धों-सम्पर्को के बहुत थोड़े निशान रहने देता है। शायद अगली शताब्दी में कोई यह भविष्यवाणी करने का खतरा उठाए कि दुनिया की आबादी अपनी पुरानी क्षेत्रिए पहचान को जीवित रखने में बहुत कठिनाई अनुभव करेगी। जिस समय हम जहां रहते हैं, वही हमारा क्षेत्रा हो जाता है। हम नए स्थान के रंग-गंध के आदी हो जाते है। स्थानिकता वैश्विकता में घुल-मिल जाती है। आने वाले समय में बहुत-से थोड़े लोग ही रह जाएँगे जो अपनी पुरानी अस्मित ाके बचाए रख सकने में सफल होंगे। नयी व्यवस्था समूचे तंत्रा को सर्वत्रा नीवकृत कर देगी। पहले से ही पुरानी मान्यताओं से मुक्त पीढ़ियाँ भविष्योन्मुख है एवं खोई हुई अस्मिताओं को संजोए रखने की भावुकता से पूर्णतया मुक्त है। कोई भी संस्कृति या पुरूष या स्त्राी पृथकतावाद में नहीं रह सकता । केन्द्र की ओर से आने की प्रवृति वाली और केन्द्र से हटने की प्रवृति वाली शक्तियाँ थोड़े समय के लिए ही रह सकती हैं, असंख्य पिढ़ियों ने भले ही यह प्रार्थना की हो कि प्रत्येक नागरिक की वैयक्किता बनी रहे, अपनी आस्था में वह सुरक्षित रहें और बाहरी प्रभावों से अपने को पूर्णतया मुक्त रखे लेकिन तब भी हम भली-भांति जानते हैं कि हम अत्यधिक संवेदनशील, क्षतिग्रस्त के भय से आक्रान्त, छिद्रपूर्ण, अयाचित प्रतिक्रियाओं और उतरों के प्रति संग्रहणशील और अनाश्रित हैं और कभी तुरन्त आश्रित भी। 'जीन्स', 'डी. एन. ए.' और 'आर. एन. ए.' पहले से ही सुगठित हैं, प्रत्येक ज्ञान-तन्तु यह जानती है कि पहले क्या हो चुका है। शरीर और मस्तिष्क दूसरों के विचारों, कथनों और कार्याें के प्रति ग्रहणशील हैं। अनभिज्ञता भय पैदा करती है, भय घृणा उत्पन्न करता है, घृणा आत्वविश्वास को नष्ट करती है और यह सब हमें हृास और मृत्यु की ओर ले जाता है। अतीत में बहुत-सी प्राचीन संस्कृतियों इसी प्रकार के अन्त की ओर उन्मुख हुई होंगी। जीवित रहने के लिए एक को दूसरे के प्रति ग्रहणशील होना ही होगा, भले ही दूसरा कितना भी दोषपूर्ण क्यों न हो।
2Mediummains20 marks
Compulsory Language
निम्नलिखत गद्यांश का अंग्रेजी में अनुवाद कीजिएः
हास्य मनुष्य की एक ऐसी योग्यता गुण है जो स्थितियों को देखकर मनोविनोद की भावना उत्पन्न कर देता है। यह हास्यवृत्ति का एक घेरा है। अथवा सम्प्रेषणीयता है जो एकी भावनाओं को उत्पन्न करती है अथवा मनुष्यों को हसाती है अथवा प्रसन्नता का अनुभव कराती है।
आलोचना किसी क्रियाकलाप का फैसला है अथवा सुनिन्तित व्यवस्था है। रचनात्मक आलोचना सम्प्रेषणयिता का एक ऐसा प्रकार है जिसमें दूसरे के व्यवहार को ठीक करने का प्रयत्न करता है बिना किसी अधिकार भावना के। सामान्यतः यह एक कूटनीतिक प्रयत्न है उस मनुष्य के लिए जिसके कार्य सामाजिक रूप से ठी नहीं है। यह रचनात्मक है। यह अधिकार या अपमान का विरोध करती हुई शान्तिपूर्ण की ओर बढ़ती है।
व्यंग्य एक ऐसा औज़ार है जो आलोचक द्वारा प्रयुक्त किया जाता है। यह सामान्यतः मनोरंजक या वाक्शक्ति से परिपूर्ण होता है, हालांकि व्यंग्य का प्राथमिक उद्देश्य हास्य नहीं है। यह किसी घटना की, व्यक्ति-विशेष की, किसी समूह की बुद्धिमत्तापूर्ण ढंग से की आलोचना है।
व्यंग्य एक मूल्यवान साहित्यिक विद्या है। यह किसी निश्चित निशाने को रखती है। यह निशाना आदमी, आदमियों का समूह, विचार, प्रवृति संस्था या सामाजिक-सभ्यास हो सकता है। किसी भी दशा में निशाने की हँसी उड़ाई जाती है।
व्यंग्य क्रोध एवं हास्य का सम्मिश्रण है। यह परेशानी पैदा कर सकता है और यह विडम्बनायुक्त होता है। इसमें विडम्बना आक्षेप के रूप में होती है। अतः बहुधा आ सके। साहित्य या नाटक इसके मुख्य साधन है लेकिन यह फिल्मों, कलारूपों या राजनैतिक कार्टूनों में भी पाया जाता है। व्यंग्यकर्त्ता एक ऐसा कलाकार है जो प्रत्येक स्थान पर कुछ-न-कुछ गड़बड़ी देखता है लेकिन उसका प्रस्तुतीकरण क्रोध के स्थान पर हास्य पैदा करता है।
3Mediummains20 marks
Compulsory Language
निम्न गद्यांश का हिन्दी में अनुवाद कीजिएः
Most people involved in the film production industry know that there is a constant evolution. The change is in the way movies are made, discovered, marketed, distributed, shown, and seen. Following independence in 1947, the 1950s and 60s are regarded as the 'Golden Age' of Indian cinema in terms of films, stars, music and lyrics. The genre was loosely denied, the most popular being 'socials', films which addressed the social problems of citizens in the newly developing state. In the mid-1960s, camera technology revolutionized the documentary method by enabling the synchronized recording of image and sound. Today, CINEMA 4D users are free to create scenes without worrying about the size of objects or how many objects are in the scene, shaded setting, texture size, multi pass-rendering or eye-catching particle systems.
Until the 1960s, filmmaking companies, many of whom owned studios, dominated the film industry. Artists and technicians were either their employees or were contracted on a long-term basis. Since the 1960s, however, most performance went the freelance way, resulting in the star system and huge escalations in film production costs. Financing deals in the industry also started becoming murkier and murkier, since then. According to estimates, the Indian film industry has an annual turnover of Rs. 60 billion. It employs more than 6 million people, most of whom are contract workers as opposed to regular employees. In the late 1960s, it was recognized as an industry.
More money impacted the perception, visual representation, and definitions of reality. Like any other media of mass communication, the themes are relevant to their times.
Thus, filmmaking became more expensive and riskier. As opposed to the time of the Gemini Studies, when only 5 percent of a movie was shot outdoor, filmmakers often select oversea locations in order to create greater realism, manage costs more efficiently or source people. Filmmakers spend considerable time scouting for the perfect location.

7 more Compulsory Language 2014 questions await

Generate a full-length practice test on Compulsory Language — pick the exact year, topic or chapter you want, and solve as many questions as you like with instant scoring and explanations.

Generate a Compulsory Language Test
Compulsory Language — All Years|All Subjects