सारांश
भारतीय रुपया ₹94.65 प्रति यू.एस. डॉलर पर 24 जून 2026 को बंद हुआ, 11 पैसे की सराहना के साथ। यह गति वैश्विक तेल कीमतों में तेज गिरावट और घरेलू इक्विटी बाजारों में सकारात्मक भावना से प्रेरित थी।
मुख्य विकास
- ब्रेंट क्रूड, वैश्विक तेल बेंचमार्क, 2.05 % गिरकर $75.50 प्रति बैरल हो गया।
- घरेलू इक्विटी सूचकांक बढ़े: Sensex 790.54 अंक (1.04 %) बढ़कर 76,991.22 पर; Nifty 197.55 अंक (0.83 %) बढ़कर 24,021.65 पर।
- विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) ने शुद्ध आधार पर ₹17.86 crore मूल्य के शेयर खरीदे।
- डॉलर इंडेक्स 101.63, 0.23 % बढ़कर हो गया।
महत्वपूर्ण तथ्य
इंटर‑बैंक बाजार में, रुपया ₹94.88 पर खुला और ₹94.59‑94.93 के बीच ट्रेड हुआ, फिर अस्थायी स्तर ₹94.65 पर स्थिर हुआ। पिछले दिन (23 जून 2026) रुपया ₹94.76 पर बंद हुआ, जो 13 पैसे की गिरावट थी।
Mirae Asset ShareKhan के विश्लेषक Anuj Choudhary का मानना है कि मजबूत यू.एस. डॉलर और हॉकिश फेडरल रिज़र्व के कारण रुपया नकारात्मक पक्षपात का सामना करेगा, लेकिन गिरती तेल कीमतें और यू.एस.–ईरान वार्ताओं में प्रगति समर्थन दे सकती है। वे ₹94.45‑95.10 की ट्रेडिंग रेंज का अनुमान लगाते हैं।
UPSC प्रासंगिकता
विनिमय‑दर गतिशीलता को समझना बैलेंस ऑफ़ पेमेंट्स, पूँजी प्रवाह और मौद्रिक नीति से संबंधित GS‑3 (Economy) प्रश्नों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। FII की भूमिका यह दर्शाती है कि विदेशी पूँजी कैसे रुपया को स्थिर या अस्थिर कर सकती है। Brent crude में बदलाव सीधे वर्तमान खाते को प्रभावित करते हैं, जबकि Dollar index ...