भारत में ब्रेस्ट कैंसर में तेज़ वृद्धि: 1990 से मामलों में 477% की बढ़ोतरी – IHME अध्ययन ने वैश्विक स्वास्थ्य अंतर को उजागर किया — UPSC Current Affairs | March 4, 2026
भारत में ब्रेस्ट कैंसर में तेज़ वृद्धि: 1990 से मामलों में 477% की बढ़ोतरी – IHME अध्ययन ने वैश्विक स्वास्थ्य अंतर को उजागर किया
IHME द्वारा संचालित एक Lancet Oncology अध्ययन दर्शाता है कि 1990 से 2023 तक भारत में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में 477% और मौतों में 352% की वृद्धि हुई, जो उच्च‑आय वाले देशों में मृत्यु दर घटने के स्पष्ट अंतर को उजागर करता है। ये निष्कर्ष कम‑और मध्यम‑आय वाले देशों में बेहतर स्क्रीनिंग, शीघ्र निदान और जीवनशैली हस्तक्षेपों की तात्कालिक UPSC‑संबंधी नीति आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
Overview हालिया Lancet Oncology अध्ययन, जो Kayleigh Bhangdia द्वारा Institute for Health Metrics and Evaluation (IHME) के अंतर्गत संचालित है, विश्व स्तर पर breast cancer बोझ में तीव्र वृद्धि का प्रक्षेपण करता है, जिसमें भारत ने 1990 से 2023 तक मामलों में **477% वृद्धि** और मौतों में **352% बढ़ोतरी** देखी है। Key Developments वैश्विक मामलों की संख्या 2050 तक **3.5 million** तक पहुँचने की उम्मीद है, जो 2023 से एक‑तिहाई वृद्धि है। वार्षिक मौतें **1.37 million** तक बढ़ सकती हैं, जो **44% वृद्धि** है। भारत ने 2023 में **2.03 lakh cases** दर्ज किए, जो 1990 से **477%** बढ़े हैं, और **1 lakh से अधिक मौतें** (352% वृद्धि) हुई हैं। निम्न‑और मध्यम‑आय वाले देशों (LMICs) में age‑standardised incidence rate (ASIR) में **147.2%** की तेज़ वृद्धि देखी गई, जबकि उच्च‑आय वाले देशों में केवल **1.2%** की वृद्धि हुई। उच्च‑आय वाले देशों में age‑standardised mortality rate (ASMR) में **‑29.9%** की गिरावट देखी गई, जबकि LMICs में **99.3%** की वृद्धि हुई। Important Facts यह अंतर स्क्रीनिंग कार्यक्रमों, शीघ्र निदान, और उपचार बुनियादी ढांचे में अंतर के कारण उत्पन्न होता है। उच्च‑आय वाले देशों को संगठित मैमोग्राफी, उन्नत उपचार, और मजबूत स्वास्थ्य वित्तपोषण से लाभ मिलता है, जिससे घटना स्थिर रहती है और मृत्यु दर घटती है। इसके विपरीत, LMICs में देर से निदान, गुणवत्तापूर्ण देखभाल तक सीमित पहुँच, और उच्च मृत्यु दर जैसी समस्याएँ हैं, जो महिलाओं के स्वास्थ्य में प्रगति को खतरे में डालती हैं। रोकथाम उपाय—**धूम्रपान न करना, नियमित शारीरिक गतिविधि, लाल मांस का सेवन कम करना, और स्वस्थ वजन बनाए रखना**—ब्रेस्ट कैंसर के कारण खोए गए स्वस्थ वर्षों में **25% से अधिक** को बचा सकते हैं, जो रोग नियंत्रण में जीवनशैली की भूमिका को उजागर करता है। UPSC Relevance इस स्वास्थ्य प्रवृत्ति को समझना कई GS पेपरों के लिए महत्वपूर्ण है: GS4 (Health & Family Welfare) : रोग बोझ, स्वास्थ्य‑प्रणाली अंतर, और रोकथाम रणनीतियों का विश्लेषण। GS