समीक्षा
भारत अप्रैल 2026 में एक असामान्य रूप से शुरुआती और तीव्र हीटवेव का सामना कर रहा है। India Meteorological Department (IMD) ने मध्य और दक्षिणी राज्यों जैसे Vidarbha, Chhattisgarh, Odisha, Telangana, Kerala, Andhra Pradesh के कुछ हिस्से, Gujarat, Tamil Nadu और Karnataka के लिए हीट अलर्ट जारी किए हैं। तटीय आर्द्रता, urban heat island effect, और देर से रात की ठंडक स्थिति को और बिगाड़ रही है।
मुख्य विकास
- कई राज्यों में तापमान 40 °C की सीमा को सामान्य मई‑जून शिखर से एक माह पहले ही पार कर चुका है।
- पश्चिमी व्यवधानों और गरज-तड़ित की अनुपस्थिति, साथ ही कम संवहन गतिविधि ने प्राकृतिक ठंडक तंत्र को हटा दिया है।
- पिछले El Niño के शेष प्रभाव हीट को और बढ़ा रहे हैं।
- स्वास्थ्य बोझ बढ़ रहा है; अधिक गर्म रातें शारीरिक पुनरुद्धार में बाधा डालती हैं, जिससे हृदय संबंधी मृत्यु जोखिम बढ़ता है।
- Lancet Countdown Global Report के अनुसार, भारत ने 2024 में 247 बिलियन कार्य‑घंटे खो दिए, जिसमें निर्माण और कृषि कार्यकर्ता सबसे अधिक प्रभावित हुए।
- Election Commission of India (ECI) ने 2024 के आम चुनाव में हीट‑संबंधी मतदाता गिरावट को कम करने के लिए मतदान बूथ के घंटे बढ़ा दिए।
महत्वपूर्ण तथ्य
हीट तनाव रबी फसल को खतरे में डाल रहा है, फसल की परिपक्वता को तेज कर रहा है और खाद्य सुरक्षा को धमकी दे रहा है। वर्तमान Heat Action Plans में शहरी हरियाली या अनौपचारिक क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के लिए अनिवार्य हीट‑सुरक्षा कानून जैसी संरचनात्मक हस्तक्षेपों के लिए समर्पित फंडिंग की कमी है। परिणामस्वरूप, विशेषकर श्रम‑गहन क्षेत्रों में कमजोरियां बनी रहती हैं।
चुनावी भागीदारी प्रभावित हुई क्योंकि तमिल नाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात और महाराष्ट्र में लाखों मतदाता अत्यधिक गर्मी का सामना कर रहे थे। जबकि ECI की अस्थायी मतदान घंटे बढ़ाने से कुछ राहत मिली, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि केवल प्रतिक्रियात्मक उपाय पर्याप्त नहीं हैं।
