जुलाई 2026 में, 2026, India ने अपने तेल का आधे से अधिक हिस्सा Russia से खरीदा। यह अब तक दर्ज किया गया सबसे अधिक शेयर है और यह U.S. House of Representatives द्वारा एक बिल पारित करने के तुरंत बाद आया है, जो शीर्ष पाँच तेल‑आयात करने वाले देशों पर 100% tariffs लगाने की संभावना रखता है।
मुख्य विकास
- The Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 को September 16, 2026 को पारित किया गया।
- India के Russia से आयात जुलाई में 110.4 lakh tonnes तक बढ़े, जो कुल तेल आयात का लगभग ~52% दर्शाते हैं।
- The import bill for Russian oil jumped to $7.3 billion, more than double the $3.6 billion spent in July 2025.
- Despite higher volumes, India paid a slight discount – $658.6 per tonne for Russian oil versus $669 average for all imports.
महत्वपूर्ण तथ्य
Data from the Ministry of Commerce and Industry के डेटा से पता चलता है कि June से July 2026 तक Russian तेल आयात में 26% की वृद्धि हुई और July 2025 की तुलना में 55% की बढ़ोतरी हुई। The tariff proposal उन पाँच देशों को लक्षित करता है जो Russian तेल निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा अवशोषित करते हैं, जिसका उद्देश्य Ukraine में Russia के युद्ध के लिए वित्तीय सहायता को रोकना है।
UPSC प्रासंगिकता
- ऊर्जा सुरक्षा और आयात निर्भरता – GS3: Economy के मुख्य विषय।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का व्यापार प्रवाह पर प्रभाव – GS3 और GS2: Polity (विदेश नीति) के लिए प्रासंगिक।
- वैश्विक आर्थिक नीति को आकार देने में विधायी निकायों (U.S. House) की भूमिका – GS2 के लिए महत्वपूर्ण।
- Russia के युद्ध प्रयास के लिए तेल राजस्व के भू‑राजनीतिक प्रभाव – GS1: History (पोस्ट‑कोल्ड वार संघर्ष) और GS3 से जुड़े।
आगे का रास्ता
India को अपने तेल स्रोतों को विविधित करने की आवश्यकता हो सकती है ताकि Russia पर निर्भरता कम की जा सके।