Key Insight
2027 की जनगणना से पहले प्रजननवादी अभियान भारत के चुनावी मानचित्र को पुनः आकार देने की धमकी देता है।
Key Facts
- Census 2027 2021‑22 सर्वेक्षण के बाद की पहली दशवर्षीय गिनती होगी और यह सीमांकन के लिए डेटा प्रदान करेगी।
- संविधान के अनुच्छेद 82 के अनुसार, लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों का सीमांकन Census 2027 पर आधारित होगा।
- प्रमुख नेताओं – Elon Musk, M.K. Stalin, N. Chandrababu Naidu, C. Joseph Vijay और Mohan Bhagwat – ने सार्वजनिक रूप से बड़े परिवारों का आग्रह किया है।
- 2024 में भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) लगभग 2.0 थी, जो प्रतिस्थापन स्तर 2.1 से थोड़ा नीचे है।
- अंतिम सीमांकन प्रक्रिया 2002 में 2001 Census का उपयोग करके की गई थी; यह प्रक्रिया 2026 की जनगणना चक्र के बाद तक स्थगित रखी गई है।
Background
UPSC पाठ्यक्रम जनसांख्यिकी को राजनीति और विकास से जोड़ता है। जनगणना डेटा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएँ निर्धारित करते हैं, जिससे प्रतिनिधित्व और संसाधन आवंटन प्रभावित होते हैं। प्रजननवादी वक्तव्य घटती TFR और उसके आर्थिक विकास तथा राजनीतिक शक्ति पर प्रभाव को लेकर चिंताओं को दर्शाता है।
UPSC Syllabus
- GS1 — Population and Associated Issues
- Prelims_GS — Demographics and Social Sector
- Essay — Economy, Development and Inequality
- Prelims_GS — National Current Affairs
- Essay — Democracy, Governance and Public Administration
- GS2 — Government policies and interventions for development
- Prelims_CSAT — Basic Numeracy
- GS2 — Functions and responsibilities of Union and States
- GS1 — Poverty and Developmental Issues
- Prelims_GS — Social and Economic Geography of India
Mains Angle
GS‑2 प्रश्न पूछ सकता है कि जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियाँ सीमांकन और चुनावी राजनीति को कैसे प्रभावित करती हैं; GS‑1 में जनसंख्या नीतियों और उनके सामाजिक‑आर्थिक प्रभावों का विश्लेषण आवश्यक हो सकता है।