Key Insight
बस्तर को नक्सल‑मुक्त घोषित किया गया; विशाल विकास पहल 2031 तक आय में छह गुना वृद्धि का लक्ष्य रखती है
Key Facts
- 19 मई 2026: यूनियन होम मिनिस्टर अमित शाह ने जगदलपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बस्तर को नक्सल‑मुक्त घोषित किया।
- 200 में से 70 सुरक्षा शिविरों को Veer Shaheed Gundadhur Seva Deras में बदला जाएगा – जनजातीय घरों के लिए मल्टी‑सर्विस केंद्र।
- प्रत्येक सेवा डेरा में Primary Agricultural Credit Society (PACS) और एक सहकारी डेयरी इकाई होगी, जो हर जनजातीय परिवार को एक गाय और एक भैंस प्रदान करेगी।
- 12,211 किमी सड़कें बनायीँ जाएँगी, लागत ₹20,557 करोड़; 5,000 मोबाइल टावर, 1,804 बैंक शाखाएँ, 1,321 एटीएम और 890 डाकघर स्थापित किए जाएंगे।
- 259 Eklavya Model Schools, 46 ITIs और 49 Skill Development Centres खोले जाएंगे, जिससे 90,000 से अधिक युवा और महिलाएँ प्रशिक्षित होंगी।
- एक सहकारी डेयरी नेटवर्क बस्तर में छह महीने के भीतर कार्यशील होगा, जो जनजातीय उत्पादकों को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ेगा।
- योजना बस्तर की प्रति व्यक्ति आय को 2031 तक छह गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।
Background
बस्तर लंबे समय से नक्सल विद्रोह का केंद्र रहा है, जो एक बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती पेश करता है। सरकार अब सुरक्षा उपायों को बड़े पैमाने पर जनजातीय कल्याण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ जोड़ रही है, जो UPSC पाठ्यक्रम में 강조ित सुरक्षा‑विकास संबंध को दर्शाता है।
UPSC Syllabus
- Essay — Youth, Health and Welfare
- GS2 — Government policies and interventions for development
- Essay — Education, Knowledge and Culture
- GS2 — Issues relating to Health, Education, Human Resources
- GS2 — Functions and responsibilities of Union and States
- GS2 — Governance, transparency, accountability and e-governance
- Essay — Economy, Development and Inequality
- Prelims_GS — National Current Affairs
- GS4 — Lessons from lives and teachings of great leaders, reformers and administrators
- Essay — Society, Gender and Social Justice
Mains Angle
GS2 – चर्चा करें कि कैसे एकीकृत सुरक्षा और विकास पहल, जैसे बस्तर योजना, विद्रोह को संबोधित कर सकती हैं और जनजातीय क्षेत्रों में समावेशी विकास को प्रोत्साहित कर सकती हैं।