On 21 April 2026, the rupee 32 paise गिरा और प्रावधिक समापन स्तर 93.48 per U.S. dollar पर पहुँचा। अवमूल्यन का कारण था एक मजबूत U.S. dollar, अनियमित crude oil कीमतें, और West Asia शांति वार्ताओं की प्रगति के बारे में बनी हुई अनिश्चितता। घरेलू इक्विटी बाजारों ने उछाल दिखाया, लेकिन लाभ मुद्रा की मजबूती में नहीं बदल सके।
मुख्य विकास
- The Reserve Bank of India ने हाल ही में नॉन‑डिलिवरेबल फॉरवर्ड बाजारों में सट्टा दांवों पर प्रतिबंधों को ढीला किया, एक कदम जिसे विश्लेषकों ने कहा कि इसने रुपये पर मामूली नीचे की दबाव बढ़ाया।
- भारतीय इक्विटी सूचकांकों में बुलिश प्रवृत्ति के बावजूद, विदेशी मुद्रा ट्रेडर सतर्क रहे, जो व्यापक वैश्विक जोखिम‑ऑफ़ भावना को दर्शाता है।
- तेल की कीमतें व्यापक सीमा में हिलती रही, जिससे आयात बिल अस्थिर रहा और व्यापार संतुलन पर प्रभाव पड़ा।
महत्वपूर्ण तथ्य
- समापन स्तर: 93.48 per USD (प्रावधिक)।
- दैनिक गिरावट: 32 paise।
- RBI की नीति में बदलाव: NDF खंड में सट्टा पोजीशनों पर प्रतिबंधों को आसान करना।
- बाहरी कारक: मजबूत U.S. dollar और अस्थिर Crude oil।
