लोकसभा को 850 तक बढ़ाना और सीमांकन को अलग करना प्रतिनिधित्व और लैंगिक समानता को पुनः आकार देता है।
यह प्रस्ताव संवैधानिक संशोधन प्रक्रियाओं को चुनावी सुधारों से जोड़ता है, जनसंख्या वृद्धि और संसद प्रतिनिधित्व के बीच लंबे समय से मौजूद असंतुलन को दूर करता है। यह महिला आरक्षण को तेज़ी से लागू करके लैंगिक कोटा नीति को भी सम्मिलित करता है, जो GS‑2 (राजनीति) और GS‑1 (समाज) में प्रमुख विषय है।
GS‑2: लोकसभा की शक्ति को बढ़ाने और 2026 के बाद की जनगणना से सीमांकन को अलग करने के संघीय प्रतिनिधित्व और लैंगिक समानता पर प्रभावों पर चर्चा करें। संभावित प्रश्न: “131वें संविधान संशोधन का राज्यों के बीच शक्ति संतुलन और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर क्या प्रभाव पड़ा है, इसका मूल्यांकन करें।”
सीमा निर्धारण एवं संवैधानिक प्रावधान
संविधान संशोधन प्रक्रिया एवं चुनावी सुधार
संसदीय सुधार, संघीय संरचना, लिंग कोटा
लोकसभा को 850 तक बढ़ाना और सीमांकन को अलग करना प्रतिनिधित्व और लैंगिक समानता को पुनः आकार देता है।
यह प्रस्ताव संवैधानिक संशोधन प्रक्रियाओं को चुनावी सुधारों से जोड़ता है, जनसंख्या वृद्धि और संसद प्रतिनिधित्व के बीच लंबे समय से मौजूद असंतुलन को दूर करता है। यह महिला आरक्षण को तेज़ी से लागू करके लैंगिक कोटा नीति को भी सम्मिलित करता है, जो GS‑2 (राजनीति) और GS‑1 (समाज) में प्रमुख विषय है।
GS‑2: लोकसभा की शक्ति को बढ़ाने और 2026 के बाद की जनगणना से सीमांकन को अलग करने के संघीय प्रतिनिधित्व और लैंगिक समानता पर प्रभावों पर चर्चा करें। संभावित प्रश्न: “131वें संविधान संशोधन का राज्यों के बीच शक्ति संतुलन और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर क्या प्रभाव पड़ा है, इसका मूल्यांकन करें।”