परिचय
Arunachal Pradesh Cabinet, जिसका अध्यक्ष Chief Minister Pema Khandu हैं, ने 14 मई 2026 को Inner-Line Permit (ILP) प्रणाली का व्यापक पुनर्गठन मंज़ूर किया। यह कदम Scheduled Tribe Bachao Andolan Committee द्वारा लगाए गए 36‑घंटे के शटडाउन और परमिट जालसाज़ी को रोकने के बढ़ते दबाव के बाद आया है।
मुख्य विकास
- प्रवेश द्वारों पर QR‑code जांच के साथ पूरी तरह डिजिटल e‑ILP प्लेटफ़ॉर्म का परिचय।
- सभी परमिटों के लिए अनिवार्य Aadhaar‑आधारित प्रमाणीकरण और पुलिस सत्यापन।
- कार्य‑संबंधी परमिटों के लिए प्रायोजक उत्तरदायित्व, जिससे ट्रेसबिलिटी बढ़ेगी।
- कड़ी सज़ाएँ: उल्लंघन करने वालों को दो साल तक प्रतिबंधित किया जा सकता है और जुर्माना लगाया जाएगा।
- गेट, बाजार और कार्यस्थलों पर आश्चर्यजनक निरीक्षण करने के लिए जिला टास्क फोर्स और पुलिस को सशक्त बनाना।
- परीक्षा में धोखाधड़ी को रोकने के लिए Arunachal Pradesh Public Examination Rules, 2026 को अपनाना।
- नियंत्रित किरायेदारी के लिए Arunachal Pradesh Tenancy Rules, 2026 को लागू करना।
महत्वपूर्ण तथ्य
ILP की उत्पत्ति Bengal Eastern Frontier Regulation of 1873 से हुई है। संशोधित योजना के तहत, प्रत्येक आवेदक को करना होगा:
- अपनी आवेदन को वैध Aadhaar से लिंक करें — बायोमेट्रिक UID जो सरकारी सेवाओं में पहचान सत्यापन के लिए उपयोग होता है (GS