Overview
Santrupt Misra, a Biju Janata Dal (BJD) MP, ने चेतावनी दी कि केंद्र का निर्णय कि वह ₹2,000 से ऊपर के person‑to‑merchant UPI लेन‑देन पर 0.4% का MDR लगाए, यह व्यापारियों और उपभोक्ताओं को नुकसान पहुँचा सकता है।
Key Developments
- 0.4% शुल्क 15 October 2026 से प्रभावी होगा।
- Misra ने तर्क दिया कि RBI ने FY 2025‑26 में सरकार को ₹2.86 lakh crore का डिविडेंड दिया, जिसका कुछ हिस्सा डिजिटल‑पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर को फंड कर सकता है।
- उन्होंने बताया कि NPCI बड़े बैंकों द्वारा स्वामित्व में है, जिन्होंने पिछले वर्ष ₹2.5 lakh crore का लाभ कमाया, और यह प्रणाली में योगदान दे सकता है।
- Misra ने चेतावनी दी कि व्यापारी लाभ मार्जिन घटा सकते हैं या लागत खरीदारों पर डाल सकते हैं, जो सरकार के इस दावे के विपरीत है कि उपभोक्ताओं को इसका असर नहीं महसूस होगा।
Important Facts
प्रस्तावित MDR केवल उन लेन‑देन पर लागू होता है जहाँ राशि ₹2,000 से अधिक है और यह व्यापारियों को भुगतान किया जाता है। यह उस सीमा से नीचे के peer‑to‑peer ट्रांसफ़र को प्रभावित नहीं करता। सरकार का तर्क डिजिटल‑transaction infrastructure के लिए एक सतत फंडिंग मॉडल बनाना है।
Exam Relevance
यह मुद्दा कई GS पेपरों को छूता है। GS3 उम्मीदवारों को RBI की भूमिका, भुगतान प्रणालियों के फंडिंग तंत्र, और शुल्कों के बाजार गतिशीलता पर प्रभाव को समझना चाहिए। GS2 as