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BJP MP K. Laxman ने OBC कोटा के मुस्लिमों के लिए दुरुपयोग का आरोप लगाया, राजसभा में वॉकआउट को भड़काया

BJP MP K. Laxman ने OBC कोटा के मुस्लिमों के लिए दुरुपयोग का आरोप लगाया, राजसभा में वॉकआउट को भड़काया
BJP MP K. Laxman ने कहा कि कई विपक्ष‑शासित राज्यों ने OBC आरक्षण को मुस्लिम समुदायों तक विस्तारित किया है, जो Constitution का उल्लंघन है। उनके इन बयानों से Rajya Sabha में विपक्षी सदस्यों द्वारा वॉकआउट हुआ, जो आरक्षण की विवादास्पद राजनीति और धार्मिक‑आधारित सकारात्मक कार्रवाई की सीमाओं को उजागर करता है।
Overview : Rajya Sabha के एक गरम सत्र में, BJP MP K. Laxman ने कई विपक्ष‑शासित राज्यों पर reservation प्रणाली की भावना को कमजोर करने का आरोप लगाया, क्योंकि उन्होंने OBC कोटा को मुस्लिम समुदायों को दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे कदम Constitution के विरुद्ध हैं, जो धार्मिक आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। Key Developments Laxman ने Karnataka, Tamil Nadu, West Bengal, Kerala और Telangana को विशेष रूप से उल्लेख किया, जिन पर उन्होंने मुस्लिमों को OBC लाभ देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि Karnataka पूरी मुस्लिम समुदाय को एक ही जाति मानते हुए 4% कोटा प्रदान करता है। West Bengal ने "97% मुस्लिम समुदाय" को अपनी OBC सूची में शामिल किया है, ऐसा कहा गया है। Tamil Nadu और Kerala ने मुस्लिम समूहों को उल्लेखनीय OBC लाभ प्रदान किए हैं, ऐसा रिपोर्ट किया गया है। Telangana के 4% मुस्लिम कोटा को High Court ने खारिज कर दिया। विपक्षी सदस्यों ने अपने हस्तक्षेप को अध्यक्ष C.P. Radhakrishnan द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद वॉकआउट किया। Union Health Minister J.P. Nadda ने Laxman के बयानों का समर्थन किया, विपक्ष पर वोट‑बैंक राजनीति का आरोप लगाया। Important Facts Constitution, Articles 15(4) और 16(4) के तहत, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए सकारात्मक कार्रवाई की अनुमति देता है, लेकिन धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव या प्राथमिकता को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित करता है। B.R. Ambedkar ने स्वयं यह रेखांकित किया था कि आरक्षण को पिछड़ेपन पर आधारित होना चाहिए, न कि धर्म पर। राज्य सरकारों को OBC की पहचान और सूची बनाने का अधिकार है, लेकिन किसी भी शामिलीकरण को सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है।
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Quick Reference

Key Insight

संसदीय टकराव: मुस्लिम OBC कोटा के आरोप ने संवैधानिक आरक्षण सीमाओं को उजागर किया

Key Facts

  1. BJP MP K. Laxman ने आरोप लगाया कि Karnataka, Tamil Nadu, West Bengal, Kerala और Telangana में OBC आरक्षण को मुसलमानों तक विस्तारित किया जा रहा है।
  2. Karnataka को कहा जाता है कि उसने पूरी मुस्लिम समुदाय को एक ही जाति के रूप में 4% OBC कोटा प्रदान किया है।
  3. West Bengal ने रिपोर्ट के अनुसार अपनी 97% मुस्लिम जनसंख्या को OBC सूची में शामिल किया है।
  4. Telangana के 4% मुस्लिम OBC कोटा को राज्य हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया।
  5. संविधान के Articles 15(4) और 16(4) केवल सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की अनुमति देते हैं, धर्म नहीं।
  6. Union Health Minister J.P. Nadda ने Laxman के बयानों का समर्थन किया, और विपक्षी पार्टियों पर वोट‑बैंक राजनीति का आरोप लगाया।
  7. Opposition के सदस्य Speaker C.P. Radhakrishnan द्वारा उनके हस्तक्षेप को अस्वीकार करने के बाद Rajya Sabha से बहिष्कार कर गए।

Background

Other Backward Classes के लिए आरक्षण एक संवैधानिक सकारात्मक कार्रवाई उपाय है, जिसका उद्देश्य ऐतिहासिक सामाजिक और शैक्षिक असमानताओं को दूर करना है। Supreme Court ने लगातार कहा है कि ऐसे कोटा धर्म पर आधारित नहीं हो सकते, जिससे किसी भी राज्य‑स्तर पर मुसलमानों को OBC सूची में शामिल करना Articles 15(4) और 16(4) का संभावित उल्लंघन बन जाता है। हालिया संसद विवाद राज्य नीति स्वायत्तता, साम्प्रदायिक राजनीति और संवैधानिक सुरक्षा के बीच तनाव को उजागर करता है।

UPSC Syllabus

  • Prelims_GS — Constitution and Political System
  • GS1 — Salient features of Indian Society and Diversity of India
  • Prelims_GS — National Current Affairs
  • GS1 — Social Empowerment, Communalism, Regionalism and Secularism
  • GS2 — Government policies and interventions for development
  • GS2 — Executive and Judiciary - structure, organization and functioning

Mains Angle

GS 2 – धर्म‑आधारित आरक्षण पर संवैधानिक सीमाओं पर चर्चा करें और OBC कोटा को मुस्लिम समुदायों तक विस्तारित करने के प्रयासों के राजनीतिक प्रभावों का मूल्यांकन करें। उत्तर में न्यायिक निर्णय, संघीय गतिशीलता और चुनावी विचारों की जांच की जा सकती है।

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Overview

Full Article

Overview: Rajya Sabha के एक गरम सत्र में, BJP MP K. Laxman ने कई विपक्ष‑शासित राज्यों पर reservation प्रणाली की भावना को कमजोर करने का आरोप लगाया, क्योंकि उन्होंने OBC कोटा को मुस्लिम समुदायों को दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे कदम Constitution के विरुद्ध हैं, जो धार्मिक आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता।

Key Developments

  • Laxman ने Karnataka, Tamil Nadu, West Bengal, Kerala और Telangana को विशेष रूप से उल्लेख किया, जिन पर उन्होंने मुस्लिमों को OBC लाभ देने का आरोप लगाया।
  • उन्होंने कहा कि Karnataka पूरी मुस्लिम समुदाय को एक ही जाति मानते हुए 4% कोटा प्रदान करता है।
  • West Bengal ने "97% मुस्लिम समुदाय" को अपनी OBC सूची में शामिल किया है, ऐसा कहा गया है।
  • Tamil Nadu और Kerala ने मुस्लिम समूहों को उल्लेखनीय OBC लाभ प्रदान किए हैं, ऐसा रिपोर्ट किया गया है।
  • Telangana के 4% मुस्लिम कोटा को High Court ने खारिज कर दिया।
  • विपक्षी सदस्यों ने अपने हस्तक्षेप को अध्यक्ष C.P. Radhakrishnan द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद वॉकआउट किया।
  • Union Health Minister J.P. Nadda ने Laxman के बयानों का समर्थन किया, विपक्ष पर वोट‑बैंक राजनीति का आरोप लगाया।

Important Facts

Constitution, Articles 15(4) और 16(4) के तहत, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए सकारात्मक कार्रवाई की अनुमति देता है, लेकिन धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव या प्राथमिकता को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित करता है। B.R. Ambedkar ने स्वयं यह रेखांकित किया था कि आरक्षण को पिछड़ेपन पर आधारित होना चाहिए, न कि धर्म पर।

राज्य सरकारों को OBC की पहचान और सूची बनाने का अधिकार है, लेकिन किसी भी शामिलीकरण को सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है।

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संसदीय टकराव: मुस्लिम OBC कोटा के आरोप ने संवैधानिक आरक्षण सीमाओं को उजागर किया

Key Facts

  1. BJP MP K. Laxman ने आरोप लगाया कि Karnataka, Tamil Nadu, West Bengal, Kerala और Telangana में OBC आरक्षण को मुसलमानों तक विस्तारित किया जा रहा है।
  2. Karnataka को कहा जाता है कि उसने पूरी मुस्लिम समुदाय को एक ही जाति के रूप में 4% OBC कोटा प्रदान किया है।
  3. West Bengal ने रिपोर्ट के अनुसार अपनी 97% मुस्लिम जनसंख्या को OBC सूची में शामिल किया है।
  4. Telangana के 4% मुस्लिम OBC कोटा को राज्य हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया।
  5. संविधान के Articles 15(4) और 16(4) केवल सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की अनुमति देते हैं, धर्म नहीं।
  6. Union Health Minister J.P. Nadda ने Laxman के बयानों का समर्थन किया, और विपक्षी पार्टियों पर वोट‑बैंक राजनीति का आरोप लगाया।
  7. Opposition के सदस्य Speaker C.P. Radhakrishnan द्वारा उनके हस्तक्षेप को अस्वीकार करने के बाद Rajya Sabha से बहिष्कार कर गए।

Background & Context

Other Backward Classes के लिए आरक्षण एक संवैधानिक सकारात्मक कार्रवाई उपाय है, जिसका उद्देश्य ऐतिहासिक सामाजिक और शैक्षिक असमानताओं को दूर करना है। Supreme Court ने लगातार कहा है कि ऐसे कोटा धर्म पर आधारित नहीं हो सकते, जिससे किसी भी राज्य‑स्तर पर मुसलमानों को OBC सूची में शामिल करना Articles 15(4) और 16(4) का संभावित उल्लंघन बन जाता है। हालिया संसद विवाद राज्य नीति स्वायत्तता, साम्प्रदायिक राजनीति और संवैधानिक सुरक्षा के बीच तनाव को उजागर करता है।

UPSC Syllabus Connections

Prelims_GS•Constitution and Political SystemGS1•Salient features of Indian Society and Diversity of IndiaPrelims_GS•National Current AffairsGS1•Social Empowerment, Communalism, Regionalism and SecularismGS2•Government policies and interventions for developmentGS2•Executive and Judiciary - structure, organization and functioning

Mains Answer Angle

GS 2 – धर्म‑आधारित आरक्षण पर संवैधानिक सीमाओं पर चर्चा करें और OBC कोटा को मुस्लिम समुदायों तक विस्तारित करने के प्रयासों के राजनीतिक प्रभावों का मूल्यांकन करें। उत्तर में न्यायिक निर्णय, संघीय गतिशीलता और चुनावी विचारों की जांच की जा सकती है।

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