यात्रियों के वाहनों के लिए नई ईंधन‑कुशलता रूपरेखा
मध्य‑अप्रैल 2026 में, BEE ने घोषणा की कि सभी भारतीय ऑटोमोबाइल निर्माताओं ने CAFE‑III शासन के तहत संशोधित ईंधन‑कुशलता और उत्सर्जन‑कमी लक्ष्यों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया है। यह कदम पिछले वर्ष Maruti Suzuki और अन्य OEMs के बीच एक तीव्र बहस के बाद आया, जिसमें छोटे कारों को कड़े मानकों से मुक्त करने वाले carve‑out पर विवाद हुआ था।
मुख्य विकास
- छोटे कारों (≈14‑15% बिक्री) के लिए स्पष्ट carve‑out हटाया गया; अब पूरी फ़्लीट पर अनुपालन आवश्यक है।
- नया CAFE लक्ष्य ~113 g CO₂/km (CAFE‑II) से घटाकर 77 g CO₂/km किया गया, जो 2027‑2032 अवधि के लिए है।
- वैकल्पिक अनुपालन मार्ग प्रस्तुत किए गए: उच्च इथेनॉल ब्लेंडिंग (E20‑E85 के साथ संगत वाहन), स्टार्ट‑स्टॉप सिस्टम, रीजेनरेटिव ब्रेकिंग, और टायर‑प्रेशर मॉनिटरिंग।
- super‑credits की शुरुआत और एक क्रेडिट‑बैंकिंग/ट्रेडिंग प्रणाली।
- अनुपालन मूल्यांकन को वार्षिक जांचों के बजाय तीन‑वर्षीय ब्लॉकों में बदला गया, जिससे निर्माताओं को प्रदर्शन का औसत निकालने की सुविधा मिलती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
CAFE‑III चक्र अप्रैल 2027 से मार्च 2032 तक चलता है। जबकि प्रमुख कमी महत्वाकांक्षी लगती है, लचीला डिज़ाइन—क्रेडिट बैंकिंग, super‑credits, और बहु‑वर्षीय औसत—नियामक दबाव को कम कर सकता है। इथेनॉल‑ब्लेंडिंग क्रेडिट गैसोलीन से उच्च‑ब्लेंड ईंधन (E20 से E85) की ओर बदलाव को प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन कुल CO₂ कमी पर प्रभाव पूर्ण इलेक्ट्रिफिकेशन की तुलना में सीमित है। तकनीकें जैसे start‑stop और regenerative braking को संरचनात्मक परिवर्तन के बजाय क्रमिक लाभ के रूप में गिना जाता है।