समीक्षा
22 April 2026 को, Calcutta High Court ने मौखिक रूप से Election Commission of India (ECI) से पूछा कि क्या उसे आगामी West Bengal polls से पहले “trouble makers” की गिरफ्तारी का निर्देश देना चाहिए। यह प्रश्न तब उठाया गया जब अदालत एक PIL की सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि ECI ने पर्याप्त रोकथाम उपाय नहीं किए हैं।
मुख्य विकास
- Bench ने ECI से यह स्पष्ट करने को कहा कि “trouble makers” के रूप में लेबल किए गए व्यक्तियों की गिरफ्तारी के लिए एक व्यापक निर्देश की आवश्यकता क्यों है।
- अदालत ने रेखांकित किया कि मौजूदा विधियों में पहले से ही अवैध सभा, दंगे और डरावनी कार्रवाई जैसे अपराधों को परिभाषित किया गया है, और निर्धारित statutory authorities को कार्य करने का कर्तव्य है।
- PIL का दावा है कि ECI की निष्क्रियता चुनाव प्रक्रिया की अखंडता को खतरे में डाल सकती है।
- High Court ने अपना आदेश स्थगित किया, यह संकेत देते हुए कि कोई भी निर्देश कानून में निहित होना चाहिए, न कि अनियमित कार्यकारी आदेशों में।
महत्वपूर्ण तथ्य
• सुनवाई Calcutta High Court में Wednesday, 22 April 2026 को हुई।
• यह मुद्दा आगामी West Bengal Legislative Assembly elections से संबंधित है, जो 2026 के बाद में निर्धारित है।
• याचिकाकर्ता तर्क देते हैं कि ECI को सक्रिय रूप से हिंसा को रोकना चाहिए, लेकिन अदालत ने कानूनी सीमाओं को पार करने के खिलाफ चेतावनी दी।
UPSC प्रासंगिकता
यह घटना judicial oversight और ECI की स्वायत्तता के बीच नाजुक संतुलन को दर्शाती है। अभ्यर्थियों को ध्यान देना चाहिए:
