CBDT वेबिनार ऑन न्यू Income‑Tax Act 2025 – International Tax और Transfer Pricing हाइलाइट्स
9 जून 2026 को, CBDT और PwC India ने 1,100 से अधिक प्रतिभागियों के साथ 16 देशों से एक वेबिनार आयोजित किया, जिसमें Income‑tax Act, 2025 और आगामी Income‑tax Rules, 2026 के संक्रमण को समझाया गया। वरिष्ठ कर अधिकारियों ने Transfer Pricing, Advance Pricing Agreements और Safe Harbour प्रावधानों के महत्व को रेखांकित किया, जो भारत के अंतर्राष्ट्रीय कर ढांचे और UPSC GS‑3 तैयारी के लिए प्रासंगिक हैं।
समीक्षा यह CBDT और PwC India ने 9 June 2026 को एक ऑनलाइन सत्र आयोजित किया, जिसमें Income-tax Act, 2025 और आगामी Income-tax Rules, 2026 के संक्रमण को समझाया गया। वेबिनार ने International Taxation और Transfer Pricing पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। मुख्य विकास 16 विदेशी न्यायक्षेत्रों (USA, UK, Australia, China, Singapore, Cyprus, Japan, Mauritius, Qatar, UAE, आदि) से 1,100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। वरिष्ठ अधिकारियों – Ms. Monica Bhatia (Principal Chief Commissioner, International Taxation), Shri Raman Chopra (Chief Commissioner, International Taxation) और Dr. Anjula Jain (Commissioner, International Taxation‑2) – ने नए कानून की रूपरेखा प्रस्तुत की। करदाताओं की सहायता के लिए Advance Pricing Agreements की बढ़ती भूमिका और मजबूत Safe Harbour प्रावधानों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। Income-tax Act, 1961 और नए 2025 Act के बीच तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें नए फॉर्म, प्रक्रियात्मक अपडेट और संरचनात्मक सुधारों को उजागर किया गया। महत्वपूर्ण तथ्य सत्र ने प्रतिभागियों को प्रश्न पूछने की अनुमति दी, जिनके उत्तर वरिष्ठ अधिकारियों ने दिए। प्रतिक्रिया सकारात्मक रही, कई लोगों ने भविष्य में समान सत्रों की मांग की। वेबिनार ज्ञान साझा करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया।
Quick Reference
Key Insight
न्यू Income‑tax Act, 2025 ट्रांसफर प्राइसिंग को सुदृढ़ करता है और विदेशी निवेश को आकर्षित करता है
Key Facts
- CBDT ने PwC India के साथ मिलकर 9 जून 2026 को Income‑tax Act, 2025 और Rules, 2026 पर एक वेबिनार आयोजित किया।
- 16 विदेशी न्यायक्षेत्रों से 1,100 से अधिक प्रतिभागियों ने सत्र में भाग लिया।
- वरिष्ठ CBDT अधिकारियों – Ms. Monica Bhatia, Shri Raman Chopra और Dr. Anjula Jain – ने रूपरेखा प्रस्तुत की।
- नया अधिनियम ट्रांसफर प्राइसिंग के लिए Advance Pricing Agreements (APA) और Safe Harbour प्रावधानों पर अधिक जोर देता है।
- Income‑tax Act, 1961 और Income‑tax Act, 2025 की साइड‑बाय‑साइड तुलना प्रस्तुत की गई, जिसमें नए फॉर्म और प्रक्रियात्मक बदलावों को उजागर किया गया।
- ये सुधार भारत के कर ढांचे को OECD BEPS सिफारिशों के साथ संरेखित करते हैं और विदेशी निवेश को बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।
Background
भारत अपने प्रत्यक्ष कर कानून को आधुनिक बनाकर अनुपालन को सरल बनाने और वैश्विक पूंजी को आकर्षित करने की दिशा में पुनर्गठन कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय कराधान और ट्रांसफर प्राइसिंग बेस एरोजन को रोकने और सीमा पार लेन‑देन पर उचित कर सुनिश्चित करने के मुख्य तत्व हैं, जो दोनों GS‑3 और GS‑2 पाठ्यक्रम में प्रमुख विषय हैं।
UPSC Syllabus
- GS2 — Bilateral, regional and global groupings involving India
- GS3 — Indian Economy - Planning, mobilization of resources, growth, development and employment
Mains Angle
GS‑3 उत्तर में, चर्चा करें कि 2025 कर सुधार, विशेष रूप से APA और Safe Harbour, कैसे राजकोषीय समेकन और विदेशी निवेश को सुधार सकते हैं, और इन्हें भारत की वैश्विक कर मानकों के प्रति प्रतिबद्धता से जोड़ें।