Overview
CGST Delhi South Commissionerate की Anti‑Evasion Branch ने एक कंपनी निदेशक को गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप है कि उसने ₹8 crore से अधिक ITC का दावा किया और उपयोग किया, जो वास्तविक इनवर्ड सप्लाई द्वारा समर्थित नहीं था। यह अपराध CGST Act, 2017 की Section 16 का उल्लंघन करता है।
Key Developments
- निदेशक की गिरफ्तारी 16 April 2026 को Section 69(1) के तहत की गई, उसके बयान को Section 70 के तहत दर्ज किया गया।
- Section 132(1)(b) एवं (c) के तहत आरोप लगाए गए, जो Section 132(1)(i) के तहत दंडनीय है।
- Patiala House Court द्वारा 30 April 2026 तक न्यायिक हिरासत का आदेश दिया गया।
Important Facts
- डेटा‑एनालिटिक्स ने दिखाया कि करदाता के कथित ITC दावे आपूर्ति श्रृंखला के पहले तीन स्तर (L1, L2, L3) में किसी भी वास्तविक आपूर्ति के बिना किए गए थे – यह एक टूटे हुए क्रेडिट चेन का क्लासिक उदाहरण है।
- संबंधित आपूर्तिकर्ता या तो suspended, cancelled suo‑moto, या cancelled on application थे, जिससे दावा किया गया ITC अयोग्य हो गया।
- कंपनी ने भी अयोग्य ITC को अपने खरीदारों को पास किया, जिससे वित्तीय नुकसान बढ़ गया।
- निदेशक ने सभी लेन‑देन पर नियंत्रण स्वीकार किया, लेकिन उनका समर्थन करने के लिए कोई दस्तावेज़ी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका।
UPSC Relevance
GST धोखाधड़ी को समझना GS 3 (Economy) के लिए आवश्यक है क्योंकि यह सीधे राजस्व को प्रभावित करती है।
