Overview
Supreme Court ने लंबे समय से Contempt of Court को दंडित करने की शक्ति रखी है। हाल के हफ्तों में, न्यायपालिका के सर्वोच्च पद की टोन ने वैध आलोचना और दंडात्मक असहिष्णुता के बीच की सीमा को लेकर चिंताएँ उठाई हैं। Chief Justice of India (CJI) Surya Kant ने कुछ वकीलों और कार्यकर्ताओं को वर्णित करने के लिए “parasites” और “cockroaches” जैसे शब्दों का प्रयोग किया, जबकि NCERT पाठ्यपुस्तक विवाद और RTI‑आधारित सक्रियता ने सार्वजनिक जांच के लिए घटते स्थान की धारणा को और बढ़ा दिया है।
Key Developments
- Senior Advocate स्थिति के लिए याचिका की सुनवाई के दौरान, CJI Surya Kant ने कुछ कानूनी अभिनेताओं को “parasites” कहा और RTI का उपयोग करने वाले युवा वकीलों को “cockroaches” लेबल किया।
- Supreme Court ने NCERT पाठ्यपुस्तक विवाद में हस्तक्षेप किया, प्रभावी रूप से तीन अकादमिक्स को पूर्व सुनवाई के बिना भविष्य के पाठ्यक्रम कार्य से प्रतिबंधित कर दिया।
- Ali Khan Mahmudabad मामले में, Court ने राहत प्रदान की लेकिन एक gag order लगाया, और बाद में राज्य को अभियोजन वापस लेने का सुझाव दिया।
- जजों के खिलाफ शिकायतों के डेटा के लिए एक पत्रकार की अनुरोध को Court Registry ने खारिज कर दिया, जिसने जांच को “fishing and roving” कहा, जबकि पत्रकार ने Ministry of Law का खुलासा प्रस्तुत किया था।
Important Facts
- न्यायपालिका की Contempt of Court को दंडित करने की शक्ति संवैधानिक है, लेकिन इसका प्रयोग अधिकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाकर होना चाहिए।
- औपचारिक contempt कार्यवाही के बाहर किए गए टिप्पणी में प्रक्रिया की कमी होती है।