समीक्षा
Delimitation Bill फिर से खबरों में है क्योंकि 2026 के Monsoon Session को 13 August को दोनों सदनों के sine die स्थगित होने के बाद भी औपचारिक रूप से प्रोरोगेट नहीं किया गया है। यह तकनीकी अंतर सरकार को नई राष्ट्रपति बुलाहट के बिना संसद को पुनः सम्मिलित करने की अनुमति देता है, जिससे राजनीतिक चालबाज़ी के संदेह उत्पन्न होते हैं।
मुख्य विकास
- Lok Sabha और Rajya Sabha दोनों को 13 August 2026 को sine die स्थगित किया गया, लेकिन औपचारिक प्रोरोगेशन अभी भी लंबित है।
- Congress के नेतृत्व में विपक्ष का दावा है कि यह देरी “असामान्य” है और संभावित “शरारत” का संकेत देती है।
- Congress नेता Jairam Ramesh ने चेतावनी दी कि गृह मंत्री “मन की खेल” खेल रहे हो सकते हैं ताकि delimitation‑संबंधित विधेयक के लिए दो‑तीहाई बहुमत सुनिश्चित किया जा सके।
- पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने 27 August 2026 को Prime Minister Narendra Modi को लिखा, जिसमें उन्होंने अगले 15 वर्षों के लिए Lok Sabha की शक्ति को 543 सीटों पर स्थिर रखने और 2029 के चुनावों में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने की मांग की।
- 17 April 2026 को बजट सत्र के दौरान, delimitation को महिलाओं के आरक्षण के साथ जोड़ने के लिए प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन विफल रहा, जिसमें दो‑तीहाई बहुमत के लिए आवश्यक 352 में से केवल 298 वोट मिले।
महत्वपूर्ण तथ्य
ऐतिहासिक उदाहरण दर्शाते हैं कि स्थगन और औपचारिक प्रोरोगेशन के बीच लंबे अंतराल नई बात नहीं हैं। 2015 के Monsoon Session को 28 दिनों के बाद प्रोरोगेट किया गया, और 2021 के सत्र को 20 दिनों के बाद। कोई भी NDA (National Democratic Alliance) साथी को संसद के अंतिम क्षण में पुनः बुलाने के लिए नहीं consulted किया गया, जिससे गठबंधन का दबाव सीमित है।
UPSC प्रासंगिकता
प्रोरोगेशन की प्रक्रियात्मक बारीकियों को समझना संसद संबंधी GS‑2 प्रश्नों के लिए आवश्यक है।