Overview
On 1 October 2026, the Congress ने चेतावनी दी कि चुनावी प्रणाली “कैप्चर” की जा रही है और नागरिक अब किसी भी प्रकार की “vote chori” (वोट चोरी) को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पार्टी के संचार प्रमुख, Jairam Ramesh, ने पूर्व Chief Election Commissioner O.P. Rawat के बयानों का हवाला दिया कि हालिया SIR ने लगभग 14 crore योग्य मतदाताओं के मतदान अधिकार छीन लिए हैं।
Key Developments
- Ramesh ने दोहराया कि EC ने SIR के बाद अपनी “gold‑standard” विश्वसनीयता खो दी है।
- Rawat ने आरोप लगाया कि दो अन्य Election Commissioners, Sukhbir Singh Sandhu और Vivek Joshi, ने SIR निर्णयों पर दहाड़ से अधिक आपत्तियां उठाई, लेकिन उन्हें ओवर‑रूल किया गया।
- Congress ने CEC पर अवैध निर्णय लेने का आरोप लगाया और वर्तमान CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफ़े की मांग की।
- Congress नेता Rahul Gandhi ने मध्य‑July 2026 में Form 6 में असंवैधानिक संशोधन को उजागर किया, जिससे कई Gen‑Z मतदाता रोल से हटाए गए।
- विपक्षी INDIA ब्लॉक ने राष्ट्रीय स्तर पर “save democracy” मार्च की घोषणा की और भविष्य के चुनावों में बैलेट पेपर के उपयोग की मांग की।
- विपक्षी सांसदों ने 6 October 2026 को EC के सामने मार्च करने और राष्ट्रपति से मिलकर सुधारात्मक कार्रवाई की मांग करने की योजना बनाई है।
Important Facts
SIR एक विशेष, गहन संशोधन है जिसका उद्देश्य डुप्लिकेट या अयोग्य प्रविष्टियों को हटाकर चुनावी रोल को साफ़ करना है। आलोचक कहते हैं कि इस प्रक्रिया का उपयोग बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं को उचित सूचना के बिना हटाने के लिए किया गया। Rawat का The Hindu के साथ साक्षात्कार इस बात पर ज़ोर देता है कि यह “स्वतंत्रता के बाद पहली बार” ऐसा बड़े पैमाने पर मताधिकार हटाना हुआ है।
दो Election Commissioners ने पिछले दस महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई, यह दावा किया कि कई SIR आदेश उनके ज्ञान या सहमति के बिना जारी किए गए थे।