समीक्षा
Indian National Congress ने आरोप लगाया है कि चल रही Special Intensive Revision (SIR) इलेक्टोरल रोल की “Shah Instigated Removal” है, जो वंचित मतदाताओं को लक्षित कर रही है। यह दावा तब आया है जब Election Commission of India (ECI) 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के Phase‑3 को आगे बढ़ा रहा है।
मुख्य विकास
- Phase‑1 (June 2025) और Phase‑2 (Nov 2025): 7.8 crore नाम हटाए गए, जो प्री‑SIR रोल का लगभग 13% हटाने की दर है।
- Phase‑3 (mid‑2026): 12 राज्यों और 2 UTs में, कुल 36.06 crore में से 6.18 crore नाम हटाए गए, जिससे हटाने की दर 17% से अधिक हो गई।
- Risk of further deletion: 5.43 crore मतदाताओं को Form‑7 नोटिस मिला है, जो अतिरिक्त 15% हटाने के जोखिम को दर्शाता है।
- State‑wise impact: Delhi (53.73%), Chandigarh (52.58%), Telangana (48.90%), Jharkhand (39.57%) और अन्य में हटाने या जोखिम की दर 30% से अधिक है।
- Gender disparity: Congress का दावा है कि अधिकांश प्रमुख राज्यों में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक हटाया गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- कुल मिलाकर, लगभग 32% मतदाताओं को या तो हटाया गया है या हटाने के जोखिम का सामना कर रहे हैं।
- Bihar के कई निर्वाचन क्षेत्रों में, हटाए गए मतदाताओं की संख्या पिछले विधानसभा चुनाव की जीत के अंतर से अधिक है।
- ECI का कहना है कि यह संशोधन, जो 22 वर्षों में पहली बार है, अयोग्य और डुप्लिकेट प्रविष्टियों को हटाने और योग्य मतदाताओं को जोड़ने के उद्देश्य से किया गया है।
- Congress नेता Jairam Ramesh ने बार-बार इस प्रक्रिया को “Constitution पर हमला” कहा है और इसे Amit Shah से जोड़ा है।