समीक्षा
\nOn 29 September 2026, the Congress Working Committee (CWC) ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar को तुरंत हटाने की मांग की गई। प्रस्ताव में चल रही Special Intensive Revision (SIR) को निलंबित करने, इस प्रक्रिया में हटाए गए 13 crore मतदाताओं को पुनर्स्थापित करने, और Prime Minister Narendra Modi के “vote theft” के आधार पर इस्तीफ़े की भी मांग की गई।
\n\nमुख्य विकास
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- CWC के प्रस्ताव में CEC को हटाने और SIR को निलंबित करने की मांग की गई है। \n
- Trinamool Congress (TMC) अपने CEC के साथ हुई बैठकों की ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी करने की योजना बना रहा है ताकि कथित दबाव तकनीकों को उजागर किया जा सके। \n
- Congress के अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने सार्वजनिक रूप से CEC को हटाने और Modi के इस्तीफ़े की मांग की। \n
- पूर्व केंद्रीय गृह सचिव R.K. Singh ने CEC पर कानूनी उल्लंघनों का आरोप लगाया और विपक्षी दलों से चुनावों का बहिष्कार करने का आग्रह किया जब तक Election Commission इस्तीफ़ा नहीं कर देती। \n
- कई राज्यों में CEC के इस्तीफ़े की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन हुए, जिससे Election Commission of India (ECI) के भीतर आंतरिक असंतोष उजागर हुआ। \n
महत्वपूर्ण तथ्य
\nECI का नेतृत्व CEC करता है और इसमें दो अन्य आयुक्त शामिल हैं: Sukhbir Singh Sandhu और Vivek Joshi। 2026 की शुरुआत में शुरू किया गया SIR अभ्यास डुप्लिकेट और अयोग्य प्रविष्टियों को हटाने के लिए था, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार इसने 13 करोड़ से अधिक वैध मतदाताओं को हटा दिया, जिससे राजनीतिक पक्षपात के आरोप लगे। विपक्षी दल तर्क देते हैं कि आगामी आम चुनावों के निकट SIR का समय चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
\n\nUPSC प्रासंगिकता
\nयह घटना UPSC पाठ्यक्रम के कई क्षेत्रों को छूती है:
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- GS‑2 (Polity): Election Commission of India की भूमिका और स्वतंत्रता — ... \n