Overview
संसद के विस्तारित बजट सत्र ने साइन डाई शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को समाप्त किया जब विपक्ष ने सफलतापूर्वक Constitution (131st Amendment) Bill के पारित होने को रोक दिया। यह बिल महिला आरक्षण को आगामी सीमा निर्धारण अभ्यास से जोड़ने का प्रयास करता था, जिसे Congress और उसके सहयोगियों ने विरोध किया।
Key Developments
- Lok Sabha ने तीव्र बहस के बाद संशोधन को पारित करने में विफल रहा।
- Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju ने विपक्ष पर "महिला‑विरोधी मानसिकता" का आरोप लगाया और महिला मतदाताओं के "क्रोध" की चेतावनी दी।
- संशोधन का उद्देश्य महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लक्ष्य को औपचारिक बनाना था, जो लिंग‑अधिकार समूहों की दीर्घकालिक मांग है।
- बिल के अवरोधित होने के कारण, बजट सत्र बिना आरक्षण उपाय के समाप्त हुआ, जिससे मुद्दा अनसुलझा रह गया।
Important Facts
प्रस्तावित संशोधन संविधान का 131वां संशोधन था, जो चुनावी ढांचे में लैंगिक समानता को स्थापित करने की सरकार की मंशा को दर्शाता है। आरक्षण को सीमा निर्धारण से जोड़कर, बिल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आरक्षित सीटों में कोई भी वृद्धि नवीनतम जनसांख्यिकीय डेटा पर आधारित हो, जिससे मनमाना सीट आवंटन रोका जा सके। विपक्ष ने तर्क दिया कि यह कदम चल रहे सीमा निर्धारण प्रक्रिया को बाधित कर सकता है और Lok Sabha में राजनीतिक संतुलन को संभावित रूप से प्रभावित कर सकता है।
Exam Relevance
यह घटना UPSC पाठ्यक्रम के कई क्षेत्रों को छूती है: Constitutional Law (संशोधन प्रक्रिया और भूमिका
