
2026 में दायर किया गया हस्तक्षेप Sabarimala के फैसले को सुरक्षित रखने के लिए, जो महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों को कायम रखता है।
Sabarimala विवाद लिंग समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और न्यायिक सक्रियता के संगम पर स्थित है—जो GS‑2 Polity के मुख्य विषय हैं। 2018 का फैसला Articles 14, 15 और 25 की व्याख्या को विस्तारित किया, जबकि 2026 का हस्तक्षेप न्यायिक समीक्षा के दायरे और essential religious practices सिद्धांत पर चल रहे तनावों को रेखांकित करता है।
Mains में, इसे समानता की संवैधानिक गारंटी और धार्मिक स्वायत्तता के संतुलन पर प्रश्न के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है, जो उम्मीदवारों की Articles 14, 15, 25, 26 की समझ और व्यक्तिगत कानून विवादों में Supreme Court की भूमिका की परीक्षा लेता है।
मूल अधिकार – समानता और गैर‑भेदभाव
न्यायिक समीक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता
धर्मनिरपेक्षता बनाम धार्मिक स्वायत्तता एवं न्यायिक सक्रियता
2026 में दायर किया गया हस्तक्षेप Sabarimala के फैसले को सुरक्षित रखने के लिए, जो महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों को कायम रखता है।
Sabarimala विवाद लिंग समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और न्यायिक सक्रियता के संगम पर स्थित है—जो GS‑2 Polity के मुख्य विषय हैं। 2018 का फैसला Articles 14, 15 और 25 की व्याख्या को विस्तारित किया, जबकि 2026 का हस्तक्षेप न्यायिक समीक्षा के दायरे और essential religious practices सिद्धांत पर चल रहे तनावों को रेखांकित करता है।
Mains में, इसे समानता की संवैधानिक गारंटी और धार्मिक स्वायत्तता के संतुलन पर प्रश्न के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है, जो उम्मीदवारों की Articles 14, 15, 25, 26 की समझ और व्यक्तिगत कानून विवादों में Supreme Court की भूमिका की परीक्षा लेता है।