अवलोकन
दशकों से, एक सैन्य शक्ति को उसके conventional arsenals द्वारा मापा जाता रहा है। इनमें combat aircraft, tanks, artillery, warships, air‑defence systems और precision‑guided missiles शामिल हैं। बड़े बजट और उन्नत प्लेटफ़ॉर्म वाले राष्ट्र पारंपरिक रूप से युद्धक्षेत्र में श्रेष्ठता का आनंद लेते आए हैं।
इसके विपरीत, छोटे बलों और non‑state actors ने asymmetric tactics पर निर्भर किया है। ये रणनीतियाँ guerrilla warfare, ambushes और अन्य अपरंपरागत तरीकों का उपयोग करके मजबूत सेनाओं की आग्नेय शक्ति को संतुलित करती हैं।
मुख्य विकास
- उन्नत intelligence networks अब high‑value assets को वास्तविक‑समय में लक्षित करने में सक्षम हैं।
- Precision‑guided missiles ने बड़े conventional fleets की आवश्यकता को कम कर दिया है, जिससे छोटे राज्यों को high‑value targets को खतरा बनाना संभव हो गया है।
- Non‑state actors लगातार low‑cost drones और cyber tools को अपनाते जा रहे हैं, जिससे conventional और asymmetric warfare के बीच की सीमा धुंधली हो रही है।
- बजट प्रतिबंध कई देशों को पूरी तरह नए सिस्टम खरीदने के बजाय मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म को आधुनिक बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
- परम्परागत conventional arsenals महंगे रहते हैं, अक्सर प्रति प्लेटफ़ॉर्म अरबों डॉलर से अधिक होते हैं।
- Guerrilla warfare कठिन भूभाग में प्रभावी बनी रहती है जहाँ भारी बख्तरबंद वाहन कार्य नहीं कर सकते।
- आधुनिक precision‑guided missiles को छोटे जहाज़ों या मोबाइल लॉन्चरों से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे कमजोर बलों की पहुँच बढ़ती है।
UPSC प्रासंगिकता
Unders