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सैन्य शक्ति का विकास: पारंपरिक शस्त्रागार से असममित रणनीतियों तक — रक्षा रणनीति के लिए निहितार्थ

परम्परागत सैन्य शक्ति को लंबे समय से उच्च‑प्रौद्योगिकी conventional arsenals द्वारा परिभाषित किया जाता रहा है। हालांकि, precision‑guided missiles में प्रगति और non‑state actors के उदय ने फोकस को asymmetric tactics की ओर मोड़ दिया है, जिससे भारत के लिए एक मिश्रित रक्षा रणनीति की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।
अवलोकन दशकों से, एक सैन्य शक्ति को उसके conventional arsenals द्वारा मापा जाता रहा है। इनमें combat aircraft, tanks, artillery, warships, air‑defence systems और precision‑guided missiles शामिल हैं। बड़े बजट और उन्नत प्लेटफ़ॉर्म वाले राष्ट्र पारंपरिक रूप से युद्धक्षेत्र में श्रेष्ठता का आनंद लेते आए हैं। इसके विपरीत, छोटे बलों और non‑state actors ने asymmetric tactics पर निर्भर किया है। ये रणनीतियाँ guerrilla warfare, ambushes और अन्य अपरंपरागत तरीकों का उपयोग करके मजबूत सेनाओं की आग्नेय शक्ति को संतुलित करती हैं। मुख्य विकास उन्नत intelligence networks अब high‑value assets को वास्तविक‑समय में लक्षित करने में सक्षम हैं। Precision‑guided missiles ने बड़े conventional fleets की आवश्यकता को कम कर दिया है, जिससे छोटे राज्यों को high‑value targets को खतरा बनाना संभव हो गया है। Non‑state actors लगातार low‑cost drones और cyber tools को अपनाते जा रहे हैं, जिससे conventional और asymmetric warfare के बीच की सीमा धुंधली हो रही है। बजट प्रतिबंध कई देशों को पूरी तरह नए सिस्टम खरीदने के बजाय मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म को आधुनिक बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। महत्वपूर्ण तथ्य परम्परागत conventional arsenals महंगे रहते हैं, अक्सर प्रति प्लेटफ़ॉर्म अरबों डॉलर से अधिक होते हैं। Guerrilla warfare कठिन भूभाग में प्रभावी बनी रहती है जहाँ भारी बख्तरबंद वाहन कार्य नहीं कर सकते। आधुनिक precision‑guided missiles को छोटे जहाज़ों या मोबाइल लॉन्चरों से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे कमजोर बलों की पहुँच बढ़ती है। UPSC प्रासंगिकता Unders
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Quick Reference

Key Insight

ड्रोन और precision weapons रक्षा रणनीति को पुनः आकार दे रहे हैं, परम्परागत भारी शस्त्रागार को चुनौती दे रहे हैं

Key Facts

  1. Conventional platforms जैसे fighter jets, tanks और warships अक्सर प्रति इकाई अरबों डॉलर की लागत रखते हैं।
  2. Precision‑guided missiles को छोटे जहाज़ों या मोबाइल लॉन्चरों से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे कमजोर बलों की पहुँच विस्तारित होती है।
  3. Non‑state actors लगातार सस्ते व्यावसायिक drones और cyber tools का उपयोग करके हमले करते हैं।
  4. Advanced intelligence networks अब high‑value assets को वास्तविक‑समय में लक्षित करने में सक्षम हैं।
  5. बजट प्रतिबंध कई देशों को पूरी तरह नए सिस्टम खरीदने के बजाय मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म को अपग्रेड करने के लिए प्रेरित करते हैं।

Background

बड़े conventional arsenals से asymmetric उपकरणों की ओर बदलाव GS3 के रक्षा और सुरक्षा विषयों के साथ मेल खाता है। यह GS4 के नैतिकता, कानूनी ढांचों और आंतरिक सुरक्षा में प्रौद्योगिकी और मानवाधिकारों के संतुलन से संबंधित मुद्दों को भी छूता है।

Mains Angle

Mains उत्तर में, चर्चा करें कि low‑cost drones के उदय से भारत की खरीद नीति का पुनर्मूल्यांकन और एकीकृत intelligence एवं कानूनी उपायों की आवश्यकता कैसे उत्पन्न होती है। (GS3)

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Overview

Full Article

अवलोकन

दशकों से, एक सैन्य शक्ति को उसके conventional arsenals द्वारा मापा जाता रहा है। इनमें combat aircraft, tanks, artillery, warships, air‑defence systems और precision‑guided missiles शामिल हैं। बड़े बजट और उन्नत प्लेटफ़ॉर्म वाले राष्ट्र पारंपरिक रूप से युद्धक्षेत्र में श्रेष्ठता का आनंद लेते आए हैं।

इसके विपरीत, छोटे बलों और non‑state actors ने asymmetric tactics पर निर्भर किया है। ये रणनीतियाँ guerrilla warfare, ambushes और अन्य अपरंपरागत तरीकों का उपयोग करके मजबूत सेनाओं की आग्नेय शक्ति को संतुलित करती हैं।

मुख्य विकास

  • उन्नत intelligence networks अब high‑value assets को वास्तविक‑समय में लक्षित करने में सक्षम हैं।
  • Precision‑guided missiles ने बड़े conventional fleets की आवश्यकता को कम कर दिया है, जिससे छोटे राज्यों को high‑value targets को खतरा बनाना संभव हो गया है।
  • Non‑state actors लगातार low‑cost drones और cyber tools को अपनाते जा रहे हैं, जिससे conventional और asymmetric warfare के बीच की सीमा धुंधली हो रही है।
  • बजट प्रतिबंध कई देशों को पूरी तरह नए सिस्टम खरीदने के बजाय मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म को आधुनिक बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • परम्परागत conventional arsenals महंगे रहते हैं, अक्सर प्रति प्लेटफ़ॉर्म अरबों डॉलर से अधिक होते हैं।
  • Guerrilla warfare कठिन भूभाग में प्रभावी बनी रहती है जहाँ भारी बख्तरबंद वाहन कार्य नहीं कर सकते।
  • आधुनिक precision‑guided missiles को छोटे जहाज़ों या मोबाइल लॉन्चरों से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे कमजोर बलों की पहुँच बढ़ती है।

UPSC प्रासंगिकता

Unders

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ड्रोन और precision weapons रक्षा रणनीति को पुनः आकार दे रहे हैं, परम्परागत भारी शस्त्रागार को चुनौती दे रहे हैं

Key Facts

  1. Conventional platforms जैसे fighter jets, tanks और warships अक्सर प्रति इकाई अरबों डॉलर की लागत रखते हैं।
  2. Precision‑guided missiles को छोटे जहाज़ों या मोबाइल लॉन्चरों से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे कमजोर बलों की पहुँच विस्तारित होती है।
  3. Non‑state actors लगातार सस्ते व्यावसायिक drones और cyber tools का उपयोग करके हमले करते हैं।
  4. Advanced intelligence networks अब high‑value assets को वास्तविक‑समय में लक्षित करने में सक्षम हैं।
  5. बजट प्रतिबंध कई देशों को पूरी तरह नए सिस्टम खरीदने के बजाय मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म को अपग्रेड करने के लिए प्रेरित करते हैं।

Background & Context

बड़े conventional arsenals से asymmetric उपकरणों की ओर बदलाव GS3 के रक्षा और सुरक्षा विषयों के साथ मेल खाता है। यह GS4 के नैतिकता, कानूनी ढांचों और आंतरिक सुरक्षा में प्रौद्योगिकी और मानवाधिकारों के संतुलन से संबंधित मुद्दों को भी छूता है।

Mains Answer Angle

Mains उत्तर में, चर्चा करें कि low‑cost drones के उदय से भारत की खरीद नीति का पुनर्मूल्यांकन और एकीकृत intelligence एवं कानूनी उपायों की आवश्यकता कैसे उत्पन्न होती है। (GS3)

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