पुतिन की शांति पहल रणनीतिक बदलाव का संकेत देती है, वैश्विक सुरक्षा और भारत की कूटनीतिक गणना को पुनः आकार देती है।
फरवरी 2022 में शुरू हुआ रूस‑यूक्रेन युद्ध 2026 में लगभग स्थिर चरण में प्रवेश कर चुका है, जिससे रूस की पहले की ‘विशेष सैन्य ऑपरेशन’ कथा से कूटनीतिक प्रस्तावों की ओर रणनीतिक बदलाव हुआ है। यह विकास जीएस2 के भू-राजनीति, सुरक्षा संरचना, और विदेश नीति व घरेलू वैधता के बीच अंतःक्रिया के विषयों को छूता है, साथ ही जीएस3 के प्रतिबंधों और युद्ध खर्चों के आर्थिक प्रभावों से भी जुड़ा है।
जीएस2 – रूस की वार्ता करने की इच्छा के वैश्विक सुरक्षा संरचना पर निहितार्थ का विश्लेषण करें और शांति प्रक्रिया में भारत की संभावित भूमिका को एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में आकलन करें।
रूस‑यूक्रेन युद्ध विकास
घरेलू राजनीति और आर्थिक प्रभाव
भारतीय विदेश नीति के लिए निहितार्थ
पुतिन की शांति पहल रणनीतिक बदलाव का संकेत देती है, वैश्विक सुरक्षा और भारत की कूटनीतिक गणना को पुनः आकार देती है।
फरवरी 2022 में शुरू हुआ रूस‑यूक्रेन युद्ध 2026 में लगभग स्थिर चरण में प्रवेश कर चुका है, जिससे रूस की पहले की ‘विशेष सैन्य ऑपरेशन’ कथा से कूटनीतिक प्रस्तावों की ओर रणनीतिक बदलाव हुआ है। यह विकास जीएस2 के भू-राजनीति, सुरक्षा संरचना, और विदेश नीति व घरेलू वैधता के बीच अंतःक्रिया के विषयों को छूता है, साथ ही जीएस3 के प्रतिबंधों और युद्ध खर्चों के आर्थिक प्रभावों से भी जुड़ा है।
जीएस2 – रूस की वार्ता करने की इच्छा के वैश्विक सुरक्षा संरचना पर निहितार्थ का विश्लेषण करें और शांति प्रक्रिया में भारत की संभावित भूमिका को एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में आकलन करें।