समीक्षा
नवजात शिशु सीमित जन्मजात प्रतिरक्षा के साथ दुनिया में आते हैं। पहले कुछ महीनों में, वे माँ द्वारा प्रदान की गई Passive immunity पर अत्यधिक निर्भर होते हैं। हालिया शोध दर्शाता है कि अद्यतन मातृ booster shots शिशुओं को उनके अपने टीके मिलने से पहले जीवन‑धमकी वाले संक्रमणों से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका हैं।
मुख्य विकास
- मातृ एंटीबॉडीज़ मुख्यतः placental transmission के द्वारा third trimester में भ्रूण को स्थानांतरित होते हैं।
- एक एंटीजन booster shot का प्रशासन माँ की प्रतिरक्षा प्रणाली को उच्च टाइटर एंटीबॉडीज़ उत्पन्न करने के लिए प्रेरित करता है, जो प्लेसेंटा को पार कर जाते हैं।
- स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए, ये एंटीबॉडीज़ breast milk में भी स्रावित होते हैं, जिससे शुरुआती पोस्ट‑नैटल अवधि में सुरक्षा बढ़ती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
• नवजात की अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली केवल पहले 2–3 महीनों के बाद ही परिपक्व होना शुरू करती है, इसलिए इस अवधि में मातृ एंटीबॉडीज़ अत्यावश्यक हैं।
• तृतीय तिमाही में गर्भवती महिलाओं को दी गई बूस्टर डोज़ फेटल एंटीबॉडी स्तर को अनबूस्टेड माताओं की तुलना में 30‑40% तक बढ़ा सकती है।
• स्तन‑पोषित शिशु निरंतर कम‑स्तर की एंटीबॉडी सप्लाई प्राप्त करते हैं, जिससे दस्त और श्वसन संक्रमणों की घटना घटती है।
UPSC प्रासंगिकता
मातृ‑शिशु इम्यूनिटी को समझना सीधे GS‑1 के स्वास्थ्य और मानव विकास विषयों से जुड़ता है, विशेष रूप से ...