Delhi High Court ने एक्टिविस्टों की Police हिरासत की जांच की
The Delhi High Court ने 15 March 2026 को एक विशेष सत्र बुलाई ताकि एक्टिविस्टों द्वारा दायर कई habeas corpus petitions की सुनवाई की जा सके, जिनमें पुलिस द्वारा अवैध हिरासत का आरोप लगाया गया है।
मुख्य विकास
- रिपोर्ट किए गए सभी दस एक्टिविस्टों को रिहा कर दिया गया, लेकिन एक व्यक्ति, Rudra, अभी भी लापता है।
- Bench जिसमें Justice Navin Chawla और Justice Ravinder Dudeja शामिल हैं, ने पुलिस से गिरफ्तारियों के कानूनी आधार की व्याख्या करने को कहा।
- कोर्ट ने संबंधित CCTV फुटेज को संरक्षित रखने का निर्देश दिया।
- एक आगे की सुनवाई 27 March 2026 को निर्धारित है।
याचिकाओं से महत्वपूर्ण तथ्य
Senior Advocate Colin Gonsalves ने बताया कि दस में से नौ एक्टिविस्टों को केवल मीडिया कवरेज के बाद ही रिहा किया गया, जिससे पुलिस की अधिक सीमा का संकेत मिलता है। Advocate Sharukh Alam और Advocate Jasdeep Dhillon ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए लोगों को साधारण कपड़ों में पुरुषों द्वारा एक अनमार्क्ड सुरक्षित घर ले जाया गया, जो पुलिस स्टेशन नहीं था, और उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक्टिविस्टों को हिरासत में यातना और समाप्ति के खतरे का सामना करना पड़ा।