Delhi High Court ने Police Special Cell द्वारा कथित अवैध हिरासत पर Habeas Corpus याचिकाओं की सुनवाई की तय की — UPSC Current Affairs | March 14, 2026
Delhi High Court ने Police Special Cell द्वारा कथित अवैध हिरासत पर Habeas Corpus याचिकाओं की सुनवाई की तय की
Delhi High Court ने रविवार को Habeas Corpus याचिकाओं की सुनवाई निर्धारित की है, जिनमें यह आरोप है कि Delhi Police Special Cell ने दस कार्यकर्ताओं को, जिसमें लापता 22‑साल की Lakshita Rajora भी शामिल है, अवैध रूप से हिरासत में रखा। यह मामला पुलिस जवाबदेही, हिरासत में यातना, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा में न्यायपालिका की भूमिका जैसे मुद्दों को उजागर करता है, जो UPSC Polity के केंद्रीय विषय हैं।
The Delhi High Court ने रविवार को एक श्रृंखला की habeas corpus याचिकाओं की सुनवाई निर्धारित की है, जो Special Cell द्वारा दस कार्यकर्ताओं की अवैध हिरासत का आरोप लगाती हैं। मुख्य विकास Advocate Shahrukh Alam ने एक division bench को सूचित किया, जिसमें Chief Justice D.K. Upadhyaya और Justice Tejas Karia शामिल हैं, कि याचिकाओं की सुनवाई 15 March 2026 को होगी। एक याचिका, जो Sagrika Rajora द्वारा दायर की गई है, उसकी बहन Lakshita Rajora , 22‑साल की, जो 13 March की शाम को दिल्ली विश्वविद्यालय के निकट Vijay Nagar क्षेत्र से लापता हुई, की तुरंत पेशी की मांग करती है। याचिका का आरोप है कि Lakshita और कई अन्य व्यक्तियों, जो उस रात छात्र‑संस्था कार्यालय में थे, अभी तक नहीं मिले हैं, और संभवतः उन्हें Special Cell ने हिरासत में लिया है। Sagrika का दावा है कि आठ महीने पहले Lakshita और उनके सहयोगियों को उसी एजेंसी द्वारा एक सप्ताह से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया, हिरासत में यातना दी गई, और बिना औपचारिक गिरफ्तारी या न्यायाधीश के समक्ष पेश हुए रिहा कर दिया गया। महत्वपूर्ण तथ्य लापता कार्यकर्ता को आखिरी बार 13 March को लगभग 8 PM पर देखा गया था; उसके मोबाइल फ़ोन को तुरंत बंद कर दिया गया। याचिका Special Cell द्वारा कथित अवैध गिरफ्तारी के पैटर्न को उजागर करती है, जिससे प्रक्रियात्मक सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को लेकर चिंताएँ उत्पन्न होती हैं। UPSC प्रासंगिकता ये विकास UPSC पाठ्यक्रम के कई मुख्य क्षेत्रों को छूते हैं: संवैधानिक सुरक्षा : habeas corpus एक मौलिक अधिकार है जो Article 32 के तहत है, जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को दर्शाता है। राजनीति और न्याय प्रशासन : division bench का कार्य और ...