रेल मंत्रालय ने बालासोर से ब्रह्मपुर तक तटीय ओडिशा में चार‑लाइन कॉरिडोर को मंजूरी दी है ताकि भारी‑उपयोग वाले Howrah‑Chennai मार्ग की भीड़ कम की जा सके। यह कदम व्यापक तीन‑स्तंभ रणनीति का हिस्सा है—DFCs, Kavach 4.0 और net‑zero एजेंडा। ये सुधार क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने, लॉजिस्टिक्स लागत को घटाने और Make in India दृष्टिकोण के तहत भारत को प्रौद्योगिकी निर्यातक के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखते हैं।
Key Developments
- चार‑लाइन Balasore‑Brahmapur कॉरिडोर का निर्माण ताकि Howrah‑Chennai लाइन पर भीड़ कम हो सके।
- Western DFC (1,506 km) को मार्च 2026 में और Eastern DFC (1,337 km) को 2026‑27 में संचालन में लाकर माल ट्रैफ़िक को अलग किया जाएगा।
- देशव्यापी Kavach 4.0 का रोल‑आउट, जिससे हेडवे कम होंगे और ट्रैक उपयोग बढ़ेगा।
- Gati Shakti कार्गो टर्मिनल का कार्यान्वयन, जिससे मल्टीमॉडल माल परिवहन सहज होगा।
- इलेक्ट्रिफिकेशन, सोलर रूफटॉप और हाइड्रोजन‑पावर्ड ट्रेनों के माध्यम से 2030 तक net‑zero उत्सर्जन हासिल करने की प्रतिबद्धता।
Important Facts
• साझा ट्रैक पर माल की गति औसतन ~25 km/h है; DFCs पर यह 75–100 km/h तक बढ़ेगी, जो 3–4‑गुना वृद्धि है।
• National Logistics Policy – एक नीति ढांचा जो भारत की लॉजिस्टिक्स लागत को जीडीपी का 8 % तक लाने का लक्ष्य रखता है, जो वैश्विक मानकों के करीब है।
