समीक्षा
Election Commission of India (ECI) ने हालिया West Bengal विधानसभा चुनावों की सांख्यिकीय रिपोर्टें 72 घंटे के भीतर जारी कीं, जो उसके डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म ECINet की क्षमताओं को दर्शाती हैं। हालांकि, Special Intensive Revision (SIR) 2.0 के दौरान, ECI ने लगभग 34 लाख लंबित अपीलों की स्थिति 19 Supreme Court‑appointed tribunals के सामने नहीं बताई, न ही तुलनीय पारदर्शिता रिपोर्टें प्रकाशित कीं, जबकि डेटा ECINet पर उपलब्ध था।
मुख्य विकास
- Calcutta High Court के पूर्व मुख्य न्यायाधीश द्वारा संचालित एक ट्रिब्यूनल ने 1,777 अपीलों को निपटाया, जिसमें 1,717 समावेशन अपीलों को स्वीकार किया और 60 हटाने की अपीलों को खारिज किया।
- सभी ट्रिब्यूनलों में, मतदान से पहले रोल में केवल लगभग 1,607 मतदाताओं को जोड़ा गया, जो 34 लाख लंबित अपीलों का एक बहुत छोटा हिस्सा है।
- West Bengal में 49 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत का अंतर pending inclusion अपीलों की संख्या से कम था, जिससे परिणामों की वैधता पर संदेह उत्पन्न हुआ।
- आलोचक मानते हैं कि अनियमित, लगातार बदलते SOPs और अस्पष्ट मैनुअल निर्णय बड़े पैमाने पर मतभेद का मूल कारण हैं।
- AI‑enabled निगरानी लेयर के प्रस्ताव उभर रहे हैं जो ECINet को वास्तविक समय में मॉनिटर कर सके।
महत्वपूर्ण तथ्य
- लंबित अपीलें: 34 लाख (जिसमें 7 लाख हटाने की अपीलें शामिल हैं)।
- ट्रिब्यूनल निपटान (Calcutta HC): 1,777 अपीलें (1,717 समावेशन, 60 हटाने)।
- मतदान से पहले वास्तव में जोड़े गए मतदाता: ~1,607।
- समावेशन अपीलों की सफलता दर (जहाँ खुलासा किया गया): > 99%।
- ECINet क्षमता: प्रति मिनट 3 करोड़ हिट्स संभालने और विस्तृत लेन‑देन लॉग संग्रहीत करने में सक्षम।