समीक्षा
The Election Commission of India (ECI) ने एक नया वर्ग logical discrepancy पेश किया है। इस लेबल का उपयोग electoral roll में Assam, Kerala, Tamil Nadu, West Bengal और Union Territory of Puducherry में हुए हालिया चुनावों में मतदाताओं को हटाने के लिए किया जा रहा है।
मुख्य विकास
- वृहद विलोपन: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लाखों वास्तविक नागरिक, विशेषकर West Bengal में, “logical discrepancy” टैग के तहत सूची से हटा दिए गए हैं।
- Special Intensive Revision (SIR): ECI के SIR अभ्यास की प्रक्रिया संबंधी खामियों के कारण बड़े हिस्से के मतदाता वर्ग को बहिष्कृत करने के जोखिम को लेकर आलोचना की जा रही है।
- न्यायिक उपाय सीमित: Supreme Court‑appointed ट्रिब्यूनलों ने भी हटाए गए नामों को पुनर्स्थापित करने में असमर्थ रहे हैं, जिससे प्रणालीगत बाधाओं का पता चलता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- प्रभावित राज्य: Assam, Kerala, Tamil Nadu, West Bengal, Puducherry।
- प्रभावित मतदाताओं की संख्या: lakhs (सैकड़ों हज़ार) जैसा कि मीडिया अनुमान के अनुसार।
- विलोपन का कारण: “logical discrepancy” के तहत चिह्नित मतदाताओं को चुनाव के पहले चरण में अधिकांशतः मतदान करने में असमर्थ पाया गया।
- कानूनी उपाय: याचिकाकर्ताओं ने Supreme Court से संपर्क किया, जिसने ट्रिब्यूनल स्थापित किए, पर ट्रिब्यूनलों ने SIR डेटा को अंतिम मानते हुए विलोपन को उलट नहीं पाया।
UPSC प्रासंगिकता
इस विवाद को समझना GS 2 (Polity) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ECI के कार्य, electoral roll की अखंडता, और Supreme Court की भूमिका को छूता है।