समीक्षा
2026 में, L.B. Nagar में Fast Track Special Court ने 2021 में Balapur पुलिस द्वारा दर्ज किए गए यौन हमला मामले में अपना निर्णय सुनाया। तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई गई और पीड़िता को ₹4 लाख मुआवजा प्रदान किया गया।
मुख्य विकास
- Mohammad Azeem (25) – आजीवन कारावास की सजा और ₹22,000 जुर्माना।
- Mohammad Haleem (31) – तीन वर्ष की कारावास की सजा और ₹6,000 जुर्माना।
- Jameela Begum (60) – तीन वर्ष की कारावास की सजा और ₹6,000 जुर्माना।
- पीड़िता को शारीरिक और मनोवैज्ञानिक आघात के लिए ₹4 लाख मुआवजा प्रदान किया गया।
- मामला IPC धारा 312, 376(2)(n), 506 पढ़कर 109 और POCSO Act धारा 5 और 6 के तहत चलाया गया।
महत्वपूर्ण तथ्य
पीड़िता एक 16‑वर्षीय लड़की थी जो अपने माता (शिकायतकर्ता) और भाई-बहनों के साथ रहती थी, क्योंकि उसके माता-पिता अलग हो गए थे। जब माँ ने अपनी बड़ी बेटी में तनाव देखा, तो पता चला कि वह Mohammad Azeem द्वारा बार‑बार यौन हमले झेली है। बाद में किए गए चिकित्सीय परीक्षण में गर्भधारण पता चला, जिसे बाद में दबाव में रखकर समाप्त किया गया, जिससे गर्भपात हुआ।
पुलिस जांच से पता चला कि अभियुक्तों ने पीड़िता की माँ और भाइयों को धमकाया था, और नाबालिग को गर्भपात की गोलियां लेने के लिए मजबूर किया गया, जो आपराधिक कानून और बाल संरक्षण अधिनियम दोनों का उल्लंघन है।
UPSC प्रासंगिकता
यह निर्णय Fast Track Special Court जैसी विशेष न्यायिक तंत्रों के कार्य को उजागर करता है, जो यौन अपराधों के लिए शीघ्र न्याय प्रदान करने के सरकार के प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह मामला POCSO Act के अनुप्रयोग को भी दर्शाता है...