सारांश
G7 देशों ने 22 September 2026 को एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें Yemen के Houths से Saudi Arabia के खिलाफ सभी हमलों को रोकने का अनुरोध किया गया। यह अपील तेज़ Houthi आक्रमण के बाद आई, जिसने प्रमुख Red Sea बंदरगाहों को कब्जा कर लिया, जिससे वैश्विक व्यापार खतरे में पड़ गया और ऊर्जा कीमतें बढ़ गईं।
मुख्य विकास (बुलेट पॉइंट्स)
- G7 नेताओं (Canada, France, Germany, Italy, Japan, UK, USA) ने तुरंत cease‑fire की मांग की और राजनीतिक संवाद की वापसी का आह्वान किया।
- बयान में Iran से विद्रोहियों को हथियार सप्लाई बंद करने का भी आग्रह किया गया, क्योंकि यह पिछले UN resolutions का उल्लंघन है।
- Saudi Arabia की गठबंधन ने Red Sea बंदरगाह Mokha पर हवाई हमले किए, जिसमें छह लोगों की मौत और आठ लोगों को चोट लगी।
- UK ने Saudi जेट्स के लिए रक्षात्मक air‑to‑air रिफ्यूलिंग का वचन दिया; France ने Saudi ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए “defensive” सहायता की पेशकश की।
- Yanbu और East‑West Pipeline में Saudi तेल सुविधाओं पर Houthi हमलों ने कच्चे तेल के निर्यात को बाधित किया।
- Saudi Crown Prince Mohammed bin Salman ने US President Donald Trump से Houthis के खिलाफ प्रत्यक्ष कार्रवाई का अनुरोध किया।
- Pakistan, Saudi Arabia और Turkey ने Mecca Joint Defence Agreement पर हस्ताक्षर किए, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता में वृद्धि हुई।
महत्वपूर्ण तथ्य
Houths की हालिया जीत ने Iran और उसके सहयोगियों को दो रणनीतिक जलमार्गों पर नियंत्रण दिया है: Strait of Hormuz और Yemen के Red Sea तट। इन मार्गों का नियंत्रण Saudi Arabia की तेल निर्यात क्षमता को खतरे में डालता है और वैश्विक ऊर्जा कीमतों को बढ़ाता है।