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GeM ने ₹18.4 लाख करोड़ GMV को पार किया, सार्वजनिक खरीद में MSE, महिला‑नेतृत्व वाली और स्टार्ट‑अप भागीदारी को बढ़ावा दिया — UPSC Current Affairs | April 6, 2026
GeM ने ₹18.4 लाख करोड़ GMV को पार किया, सार्वजनिक खरीद में MSE, महिला‑नेतृत्व वाली और स्टार्ट‑अप भागीदारी को बढ़ावा दिया
Government e Marketplace (GeM) ने कुल ₹18.4 लाख करोड़ ग्रॉस मर्चेंडाइज़ वैल्यू को पार कर लिया है, जिसमें FY 2025‑26 ने अकेले ही ₹5 लाख करोड़ से अधिक का योगदान दिया। प्लेटफ़ॉर्म की समावेशी पहल ने देखा कि 68 % ऑर्डर MSEs द्वारा निष्पादित किए गए, महिला‑नेतृत्व वाली कंपनियों और स्टार्ट‑अप्स में तेज़ी आई, और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी बढ़ी, जो सार्वजनिक खरीद में एक परिवर्तनकारी बदलाव को दर्शाता है।
GeM की माइलस्टोन: ₹18.4 लाख करोड़ GMV और समावेशी खरीद का विस्तार GeM ने कुल ₹18.4 लाख करोड़ ग्रॉस मर्चेंडाइज़ वैल्यू (GMV) हासिल किया है, जिसमें FY 2025‑26 में ₹5 लाख करोड़ से अधिक शामिल है। यह वृद्धि भारत में डिजिटल सार्वजनिक खरीद की रीढ़ के रूप में प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका को रेखांकित करती है। मुख्य विकास (FY 2025‑26) कुल ऑर्डरों में से 68 % MSEs द्वारा रखे गए, जो GMV का 47.1 % योगदान देते हैं। 11 लाख से अधिक MSEs ने पंजीकरण किया, 51 लाख ऑर्डर प्राप्त किए जिनका मूल्य ₹2.36 लाख करोड़ है – वर्ष‑दर‑वर्ष 20 % की वृद्धि। महिला‑नेतृत्व वाली MSEs (2.1 लाख से अधिक) ने ₹28,000 करोड़ से अधिक के ऑर्डर सुरक्षित किए, जो लगभग 28 % की वृद्धि दर्शाता है। SC/ST‑स्वामित्व वाली MSEs ने ₹6,000 करोड़ से अधिक के ऑर्डर प्राप्त किए, जो भी लगभग 28 % की वृद्धि है। स्टार्ट‑अप्स ने ₹19,000 करोड़ से अधिक के ऑर्डर अर्जित किए, जो 36 % की छलांग है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की खरीद में 38.3 % की वृद्धि हुई, जो क्षेत्रीय पैठ की गहराई को दर्शाता है। प्रौद्योगिकी‑संचालित सुधार GeM AI और ML का उपयोग कैटलॉग वैधता, पूर्व‑सत्यापन जांच और वास्तविक‑समय लेन‑देन मॉनिटरिंग के लिए करता है। उन्नत विश्लेषण असामान्य मूल्य निर्धारण, मिलजुली बोली और तकनीकी अस्वीकृति का पता लगाते हैं। Bid Health Scores जैसे उपकरण सूचित निर्णय‑निर्धारण को समर्थन देते हैं। मुख्य तथ्य एक नज़र में आरंभ से ₹18.4 लाख करोड़ संचयी GMV। FY 2025‑26 GMV: ₹5 लाख करोड़ से अधिक। प्रसंस्कृत ऑर्डर: 51 लाख (मूल्य ₹2.36 लाख करोड़)। महिला‑नेतृत्व वाली MSE ऑर्डर: ₹28,000 करोड़। स्टार्ट‑अप ऑर्डर: ₹19,000 करोड़।
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<h2>GeM की माइलस्टोन: ₹18.4 लाख करोड़ GMV और समावेशी खरीद का विस्तार</h2> <p>GeM ने कुल ₹18.4 लाख करोड़ ग्रॉस मर्चेंडाइज़ वैल्यू (GMV) हासिल किया है, जिसमें FY 2025‑26 में ₹5 लाख करोड़ से अधिक शामिल है। यह वृद्धि भारत में डिजिटल सार्वजनिक खरीद की रीढ़ के रूप में प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका को रेखांकित करती है।</p> <h3>मुख्य विकास (FY 2025‑26)</h3> <ul> <li>कुल ऑर्डरों में से 68 % MSEs द्वारा रखे गए, जो GMV का 47.1 % योगदान देते हैं।</li> <li>11 लाख से अधिक MSEs ने पंजीकरण किया, 51 लाख ऑर्डर प्राप्त किए जिनका मूल्य ₹2.36 लाख करोड़ है – वर्ष‑दर‑वर्ष 20 % की वृद्धि।</li> <li>महिला‑नेतृत्व वाली MSEs (2.1 लाख से अधिक) ने ₹28,000 करोड़ से अधिक के ऑर्डर सुरक्षित किए, जो लगभग 28 % की वृद्धि दर्शाता है।</li> <li>SC/ST‑स्वामित्व वाली MSEs ने ₹6,000 करोड़ से अधिक के ऑर्डर प्राप्त किए, जो भी लगभग 28 % की वृद्धि है।</li> <li>स्टार्ट‑अप्स ने ₹19,000 करोड़ से अधिक के ऑर्डर अर्जित किए, जो 36 % की छलांग है।</li> <li>राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की खरीद में 38.3 % की वृद्धि हुई, जो क्षेत्रीय पैठ की गहराई को दर्शाता है।</li> </ul> <h3>प्रौद्योगिकी‑संचालित सुधार</h3> <p>GeM AI और ML का उपयोग कैटलॉग वैधता, पूर्व‑सत्यापन जांच और वास्तविक‑समय लेन‑देन मॉनिटरिंग के लिए करता है। उन्नत विश्लेषण असामान्य मूल्य निर्धारण, मिलजुली बोली और तकनीकी अस्वीकृति का पता लगाते हैं। Bid Health Scores जैसे उपकरण सूचित निर्णय‑निर्धारण को समर्थन देते हैं।</p> <h3>मुख्य तथ्य एक नज़र में</h3> <ul> <li>आरंभ से ₹18.4 लाख करोड़ संचयी GMV।</li> <li>FY 2025‑26 GMV: ₹5 लाख करोड़ से अधिक।</li> <li>प्रसंस्कृत ऑर्डर: 51 लाख (मूल्य ₹2.36 लाख करोड़)।</li> <li>महिला‑नेतृत्व वाली MSE ऑर्डर: ₹28,000 करोड़।</li> <li>स्टार्ट‑अप ऑर्डर: ₹19,000 करोड़।</li> </ul>
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