अवलोकन
The GeM को 9 August 2016 को उद्घाटन किया गया ताकि सार्वजनिक खरीद को कागज़‑आधारित तरीकों से पूरी तरह डिजिटल प्रणाली में बदला जा सके। मानव इंटरफ़ेस को कम करके और खरीदारों व विक्रेताओं के लिए एकल विंडो प्रदान करके, GeM भारत के Ease of Doing Business एजेंडा का एक मुख्य स्तंभ बन गया है।
मुख्य विकास
- पंजीकृत MSEs 2016‑17 में 2,396 से बढ़कर आज 11.9 lakh से अधिक हो गए हैं।
- MSEs से खरीद ₹69 crore से बढ़कर ₹8.69 lakh crore से अधिक हो गई, जबकि ऑर्डर 2,994 से बढ़कर 2.17 crore से अधिक हो गए।
- महिला‑स्वामित्व वाले MSEs 268 से बढ़कर 2.16 lakh से अधिक हो गए; खरीद मूल्य ₹8 crore से बढ़कर ₹93,327 crore से अधिक हो गया।
- स्टार्ट‑अप भागीदारी 88 से बढ़कर 40,000 इकाइयों से अधिक हो गई; खरीद मूल्य ₹2 crore से बढ़कर ₹61,400 crore से अधिक हो गया।
- पंजीकृत SC/ST MSEs 38 से बढ़कर 66,000 से अधिक हो गए, और खरीद मूल्य ₹21,800 crore से अधिक हो गया।
- स्वास्थ्य‑क्षेत्र की खरीद में 324 crore वैक्सीन डोज़ और 199 crore सिरिंज शामिल हैं, साथ ही Vande Bharat ट्रेनों के लिए मेडिकल किट्स।
- प्लेटफ़ॉर्म अब AI-आधारित टूल्स, उन्नत विश्लेषण और डिजिटल मॉनिटरिंग का उपयोग करके दक्षता में सुधार करता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
GeM का डिजिटल मार्केटप्लेस स्थानीय उद्यमों को सरकारी मांग से जोड़ता है, जिससे Aatmanirbhar Bharat विज़न को समर्थन मिलता है। 2026 तक, प्लेटफ़ॉर्म ने ₹8.69 lakh crore से अधिक मूल्य की खरीद को 2.17 crore ऑर्डर्स के माध्यम से सुगम बनाया है, जिससे यह विश्व के सबसे बड़े सार्वजनिक‑खरीद प्रणालियों में से एक बन गया है।
UPSC प्रासंगिकता
GeM को समझना GS III (Economy & Governance) के लिए आवश्यक है।