अवलोकन
Air Chief Marshal A.P. Singh ने 3 October 2026 को बताया कि Indian Air Force (IAF) को कॉम्बैट विमान की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वदेशी रूप से निर्मित Tejas Mark-1A जेट्स की डिलीवरी में देरी से बल कमजोर हो रहा है, जब एयरोपावर अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य विकास
- IAF को अगले कुछ वर्षों में प्रत्येक वर्ष 36‑40 फाइटर जेट्स इन्डक्ट करने की आवश्यकता है।
- India का लक्ष्य 2026‑27 वित्तीय वर्ष के भीतर MRFA डील को अंतिम रूप देना है।
- February 2026: सरकार ने फ्रांस से 114 Rafale जेट्स की खरीद को सरकारी‑से‑सरकारी ढाँचे के तहत मंजूरी दी।
- दो HAL अनुबंध: ₹48,000 करोड़ के लिए 83 Tejas Mk‑1A (2021 में साइन किया गया) और ₹62,370 करोड़ के लिए 97 अतिरिक्त Tejas Mk‑1A (Sep 2025 में साइन किया गया), फिर भी कोई डिलीवरी नहीं हुई है।
- IAF के फाइटर स्क्वाड्रन 42 की स्वीकृत शक्ति से घटकर 29 हो गए हैं।
- संभावित विकल्प: रूस के Su‑57 जेट्स, हालांकि कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
- ऑपरेशन सिंधूर के बाद थियेटराइजेशन पर चर्चा ने नया दिशा ले ली है।
- IAF बल को AI के साथ बढ़ाने की योजना बना रहा है और घरेलू फाइटर‑जेट इंजन की आवश्यकता पर ज़ोर दे रहा है।
महत्वपूर्ण तथ्य
Tejas Mk‑1A की पहली बैच की डिलीवरी मार्च 2024 में निर्धारित थी, लेकिन अक्टूबर 2026 तक कोई भी डिलीवर नहीं हुआ है। स्क्वाड्रन की कमी IAF की निरंतर एयर पैट्रोल बनाए रखने और कई मोर्चों पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता को सीमित करती है। यदि इस वर्ष MRFA डील साइन हो जाती है, तो यह Rafale को लाएगी।