पूर्व IAF प्रमुख V.R. Chaudhari ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच मजबूत भारतीय वायु‑रक्षा और एकीकृत मल्टी‑डोमेन नेटवर्क की मांग की — UPSC Current Affairs | March 13, 2026
पूर्व IAF प्रमुख V.R. Chaudhari ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच मजबूत भारतीय वायु‑रक्षा और एकीकृत मल्टी‑डोमेन नेटवर्क की मांग की
पूर्व IAF प्रमुख Air Chief Marshal V.R. Chaudhari ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया युद्ध एक मजबूत भारतीय वायु‑रक्षा नेटवर्क की आवश्यकता को रेखांकित करता है, जिसमें अधिक रडार, हथियार प्रणालियाँ और साइबर क्षमताएँ एकीकृत हों। जबकि भविष्य के युद्धों में ड्रोन प्रमुख भूमिका निभाएंगे, उन्होंने उन पर अत्यधिक निर्भरता से बचने की सलाह दी और समग्र मल्टी‑डोमेन दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।
अवलोकन नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय रक्षा सम्मेलन में 12 March 2026 को बोलते हुए, Air Chief Marshal V.R. Chaudhari ने चल रहे West Asia conflict से सीखों को उजागर किया। उन्होंने विस्तारित हथियार प्रणालियों, रडार, साइबर एकीकरण और एकीकृत नेटवर्क वास्तुकला के माध्यम से "बहुत मजबूत वायु रक्षा" बनाने की तात्कालिकता पर ज़ोर दिया। मुख्य विकास Chaudhary ने आधुनिक वायु रक्षा संपत्तियों और उन्नत रडार की बड़ी सूची की वकालत की। उन्होंने एक राष्ट्रीय मेष नेटवर्क का प्रस्ताव रखा जो सेंसर, शूटर और साइबर प्लेटफ़ॉर्म को एक ही ग्रिड पर जोड़ता है। ड्रोन की बढ़ती भूमिका को स्वीकारते हुए, उन्होंने उन्हें भविष्य की युद्ध रणनीति का एकमात्र स्तंभ बनाने से बचने की चेतावनी दी। यह सम्मेलन, बेंगलुरु थिंक‑टैंक Synergia द्वारा आयोजित, भारत और पड़ोसी देशों के विशेषज्ञों को शामिल करता था, जो संघर्ष के क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव पर चर्चा कर रहे थे। महत्वपूर्ण तथ्य Manekshaw Centre में आयोजित सम्मेलन 11–13 March 2026 तक चला। Chaudhary का मुख्य भाषण, जिसका शीर्षक "India’s multi‑domain air spine " था, ने तीन प्राथमिक कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की: वायु रक्षा प्लेटफ़ॉर्म की संख्या और विविधता को बढ़ाएँ। अतिरिक्त दीर्घ‑दूरी और निम्न‑ऊंचाई वाले रडार तैनात करें।