Union Minister of Commerce and Industry Shri Piyush Goyal ने कहा कि भारत का फ़ार्मास्यूटिकल सेक्टर विश्वभर में सुलभ, गुणवत्ता‑पूर्ण स्वास्थ्य देखभाल के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्य विकास
- India 2030 तक फ़ार्मास्यूटिकल निर्यात को USD 50 billion तक पहुंचाने का लक्ष्य रखता है, जिसमें गुणवत्ता, नवाचार और बाजार विविधीकरण पर ध्यान दिया जाएगा।
- आगामी iPHEX 2026 भारत के Bharat Mandapam, नई दिल्ली में 7–9 September 2026 को आयोजित होगा।
- Global Drug Regulatory Conclave 2026 का आयोजन 30–31 July 2026 को निर्धारित है, जिसका उद्देश्य नियामक सहयोग को बढ़ावा देना है।
- Minister of State Shri Jitin Prasada ने लचीले स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण के लिए मजबूत वैश्विक सहयोग की मांग की।
- Commerce Secretary Shri Rajesh Agrawal ने बताया कि फ़ार्मा निर्यात का 60 % से अधिक उच्च नियामित बाजारों में जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
फ़ार्मास्यूटिकल निर्यात लगभग USD 14 billion (FY 2014‑15) से बढ़कर USD 31 billion (FY 2025‑26) तक पहुंच गया है, और 200 से अधिक देशों में रोगियों तक पहुँच रहा है। India में 10,500 से अधिक निर्माण इकाइयाँ हैं और 60 थैरेप्यूटिक श्रेणियों में 60,000 से अधिक जेनरिक ब्रांड बनाते हैं।
COVID‑19 महामारी के दौरान, India ने न केवल घरेलू मांग को पूरा किया बल्कि कई देशों, विशेषकर Global South में, दवाएँ और वैक्सीन भी आपूर्ति की।
UPSC प्रासंगिकता
यह चर्चा कई UPSC विषयों से जुड़ी है:
- Vasudhaiva Kutumbakam और One Earth, One Health दर्शन India की स्वास्थ्य कूटनीति को आकार देते हैं।
- Generic medicines — पेटेंटेड दवाओं की कम लागत वाली प्रतियां जो बायोइक्विवैलेंट हैं।