India में बाल कैंसर – वर्तमान परिदृश्य
India के पास लगभग 380 million 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं। The Lancet Regional Health Southeast Asia में एक हालिया अध्ययन दर्शाता है कि India 2022 में SAARC क्षेत्र के सभी नए बाल कैंसर मामलों का 68.6% (25,939) हिस्सा रखता है। सबसे आम कैंसर leukaemia है, इसके बाद सेंट्रल नर्वस सिस्टम ट्यूमर आते हैं।
मुख्य विकास
- अनुमान: SAARC (2022) में 37,716 नए बाल कैंसर मामले और 17,698 मौतें; केवल India में: 25,939 मामले।
- डेटा स्रोत: GLOBOCAN 2022 बेसलाइन प्रदान करता है, लेकिन कवरेज सीमित है।
- जीवन दर: leukaemia के लिए प्रारम्भिक निदान से उपचार दर 80‑90% तक पहुँच सकती है; हालांकि, कई निम्न‑और‑मध्यम‑आय वाले सेटिंग्स में राष्ट्रीय उपचार दर 30% से नीचे बनी रहती है।
- नीति: Ayushman Bharat सरकारी अस्पतालों में प्रारम्भिक उपचार को कवर करता है, लेकिन पुनरावृत्ति या निजी देखभाल इस सीमा से अधिक हो सकती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
1. Cancer registries वर्तमान में भारतीय जनसंख्या के केवल लगभग 15% को कवर करती हैं, मुख्यतः शहरी क्षेत्रों में। ग्रामीण अंतर के कारण रिपोर्टिंग कम होती है।
2. Supreme Court (11 August 2026) ने शेष 19 राज्यों और UTs को कैंसर को नोटिफ़ायबल रोग घोषित करने का आदेश दिया, जिससे डेटा संग्रह में सुधार हो सके।
3. विशेषीकृत बुनियादी ढाँचा विस्तार रहा है: अब हर राज्य में एक सरकारी‑चलित Regional Cancer Centre है, और Tata Memorial Hospital तथा AIIMS से जुड़े केंद्र पहुँच बढ़ा रहे हैं।
4. वित्तीय बाधाएँ अभी भी महत्वपूर्ण हैं। Ayushman Bharat के साथ भी, जांच, अस्पताल में भर्ती और महंगे पुनरावृत्ति दवाओं की लागत कई परिवारों को उपचार छोड़ने की ओर धकेलती है।
UPSC प्रासंगिकता
यह मुद्दा कई GS पेपरों को छूता है। GS2 (Polity) केंद्रीय और राज्य सरकारों की स्वास्थ्य शासन में भूमिका और Supreme Court के निर्देश की जांच करता है। G