समीक्षा
Indian defence establishment ने BrahMos मिसाइल सिस्टम के निर्यात को आगे बढ़ाया है। Rajesh Kumar Singh ने Vietnam के साथ अंतिम डील की घोषणा की और कहा कि Indonesia के साथ समान समझौता अपने अंतिम चरण में है। Philippines 2022 में पहला विदेशी खरीदार था।
मुख्य विकास (बुलेट पॉइंट्स)
- 2026 में Vietnam के साथ BrahMos मिसाइलों की आपूर्ति के लिए डील पर हस्ताक्षर किए गए।
- Indonesia के साथ वार्ताएँ समाप्ति चरण में हैं।
- 2022 में Philippines को पहला विदेशी निर्यात, जिससे Indian‑made क्रूज़ मिसाइलों के लिए बाजार स्थापित हुआ।
- Joint venture BrahMos Aerospace के पास 50.5% Indian और 49.5% Russian इक्विटी है।
- टेस्ट में चल रहे विस्तारित‑रेंज संस्करण 350 km तक के लक्ष्य पर प्रहार कर सकते हैं, जो मूल 290 km से अधिक है।
तकनीकी मुख्य बिंदु
मिसाइल दो‑स्तरीय हथियार है। पहला चरण एक सॉलिड‑प्रोपेलेंट बूस्टर का उपयोग करता है जिससे मिसाइल सुपरसोनिक गति तक पहुँचती है। दूसरा चरण एक लिक्विड रामजेट का उपयोग करता है जो क्रूज़ के दौरान हथियार को लगभग Mach 3 (ध्वनि की गति से तीन गुना) तक तेज़ करता है। रामजेट की दक्षता Mach 6 से आगे घटती है, इसलिए मिसाइल हाइपरसोनिक रेज़िम में नहीं जाती।
भविष्य के संस्करण Scramjet या Dual‑mode ramjet (DMRJ) प्रौद्योगिकी को शामिल कर सकते हैं ताकि गति Mach 5 से आगे बढ़े।
Cruise missile के रूप में, BrahMos कम ऊँचाई (क्रूज़ ऊँचाई अधिकतम 15 km, टर्मिनल ऊँचाई केवल 10 m) पर उड़ती है और 200‑300 kg का पारंपरिक वारहेड ले जाती है। इसका कम रडार क्रॉस‑सेक्शन इसे एक स्टेल्थ प्रोफ़ाइल देता है।