समीक्षा
India के माल और सेवाओं के कुल निर्यात FY 2025‑26 (अप्रैल‑जनवरी) में USD 714.73 billion तक बढ़े, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 5.26% की वृद्धि है। यह वृद्धि वैश्विक अनिश्चितताओं, आपूर्ति‑श्रृंखला व्यवधानों और अस्थिर वस्तु मूल्यों के बावजूद व्यापक विस्तार को दर्शाती है। इस गति को बनाए रखने के लिए, सरकार नीति सुधार, वित्तीय प्रोत्साहन और डिजिटल बुनियादी ढाँचे के माध्यम से निर्यात इकोसिस्टम को सुदृढ़ कर रही है।
मुख्य विकास
- Foreign Trade Policy (FTP) 2023 का कार्यान्वयन, जो चार स्तंभों पर आधारित है: ट्रेड फ़ैसिलिटेशन, निर्यात प्रोमोशन, राज्य‑स्तरीय साझेदारियाँ और डिजिटल इंटीग्रेशन।
- निर्यात पर एम्बेडेड टैक्स को न्यूट्रलाइज़ करने के लिए RoDTEP स्कीम का निरंतर कार्यान्वयन।
- Export Promotion Mission (EPM) 2 का लॉन्च, जिसमें Niryat Protsahan (ट्रेड फाइनेंस) और Niryat Disha (लॉजिस्टिक्स और मार्केट एक्सेस) शामिल हैं।
- भू‑राजनीतिक तनावों से उत्पन्न निर्यात जोखिमों को संबोधित करने के लिए समय‑सीमित ‘RELIEF’ Scheme का परिचय।
- Export Credit Guarantee Corporation (ECGC) और Trade Infrastructure for Export Scheme (TIES) के माध्यम से जोखिम‑कवरेज तंत्र को सुदृढ़ करना।
- 24×7 EIC interface, Trade Intelligence & Analytics, Common Digital Platform for Certificates of Origin और Trade e‑Connect जैसे प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से डिजिटल ट्रेड फ़ैसिलिटेशन का विस्तार, जिससे एंड‑टू‑एंड सक्षम हो।