अवलोकन
28 March 2026 को, MC14 के दूसरे दिन, Commerce and Industries Minister Shri Piyush Goyal ने India की प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और सहमति‑आधारित निर्णय‑लेने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, Uruguay Round से उत्पन्न संरचनात्मक असमानताओं को संबोधित किया और विवाद समाधान तंत्र को पुनर्जीवित करने की बात कही।
मुख्य विकास
- Goyal ने दोहराया कि consensus‑based decision‑making WTO की वैधता की नींव है और प्रत्येक सदस्य के संप्रभु अधिकार का सम्मान करना चाहिए।
- India ने वर्तमान impasse की पारदर्शी, समावेशी, सदस्य‑प्रेरित stock‑take की मांग की और बहुपक्षीय ढांचे को कमजोर कर सकने वाले plurilaterals के खिलाफ चेतावनी दी।
- प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक‑stock‑holding (PSH), और कपास पर विशेष सुरक्षा उपाय (SSM) जैसे लंबित मुद्दों को उजागर किया, और उनके प्राथमिकता देने की अपील की।
- India ने कहा कि एक विकृत dispute settlement system छोटे अर्थव्यवस्थाओं को असमान रूप से नुकसान पहुंचाता है।
- Commerce Secretary Shri Rajesh Agrawal ने स्पष्ट माइलस्टोन और WTO समितियों की बढ़ी हुई भूमिका के साथ सुधारों के समय‑सीमित पुनःआरंभ का समर्थन किया।
महत्वपूर्ण तथ्य
Uruguay Round के बाद स्थापित WTO, WTO के सिद्धांत पर कार्य करता है। MC14 में, सदस्य निर्णय‑लेने की प्रक्रिया, पारदर्शिता, और विवाद समाधान तंत्र में सुधार पर चर्चा किए। India की स्थिति ने विकासशील देशों को दायित्वों को पूरा करने के लिए क्षमता‑निर्माण समर्थन पर ज़ोर दिया और पारदर्शिता को व्यापार प्रतिशोध के बहाने के रूप में उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी दी।
UPSC प्रासंगिकता
WTO सुधारों को समझना GS III (Economy) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि व्यापार नीति सीधे India के निर्यात‑आयात गतिशीलता, रोजगार सृजन, और औद्योगिक क्षमता को प्रभावित करती है। सहमति पर ज़ोर देना India की कूटनीति को दर्शाता है।