India ने दस‑साल का रणनीतिक फ्रेमवर्क RAKSHA को 3 September 2026 पर उजागर किया। रक्षा मंत्री Rajnath Singh द्वारा घोषित यह दस्तावेज़ India को औपचारिक सैन्य आदान‑प्रदान से परिणाम‑उन्मुख साझेदारियों की ओर ले जाने का लक्ष्य रखता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता, औद्योगिक सहयोग और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देता है।
मुख्य विकास
- विदेश नीति के मुख्य स्तंभ के रूप में रक्षा कूटनीति का औपचारिकरण।
- रक्षा निर्माण में Atmanirbhar Bharat पर जोर, सह‑विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और आपूर्ति‑श्रृंखला एकीकरण के माध्यम से।
- इंडोनेशिया के साथ रणनीतिक सहयोग, BrahMos मिसाइल प्रणाली और Astra Mk‑1 वायु‑से‑वायु मिसाइलों पर।
- FY 2025‑26 में रिकॉर्ड ₹38,424 crore रक्षा निर्यात को कूटनीतिक लाभ के लिए उपयोग करने का लक्ष्य।
- समुद्री सुरक्षा को भारतीय महासागर और इंडो‑पैसिफिक में नौसैनिक अभ्यास और क्षमता‑निर्माण के माध्यम से सुदृढ़ करना।
महत्वपूर्ण तथ्य
यह फ्रेमवर्क तीन स्तंभों की पहचान करता है: (i) इंडो‑पैसिफिक, यूरोप, पश्चिम एशिया और अफ्रीका में रणनीतिक साझेदारियों को गहरा करना; (ii) रक्षा औद्योगिक सहयोग और निर्यात को बढ़ावा देना; (iii) सशस्त्र बलों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण, शिक्षा और पेशेवर आदान‑प्रदान को सुदृढ़ करना। रक्षा निर्यात में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिससे India एक प्रमुख आयातकर्ता से तोपखाना, मिसाइल, गश्त पोत, रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के उभरते निर्यातकर्ता बन गया है।
UPSC प्रासंगिकता
रक्षा औद्योगिक सहयोग को समझना GS III (रक्षा, अर्थव्यवस्था) और GS I (अंतरराष्ट्रीय संबंध) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आत्मनिर्भरता की ओर यह बदलाव व्यापक