India की foreign‑policy जगह दो अभिसारी दबावों द्वारा पुनः आकार ले रही है: Donald Trump की आक्रामक tariff नीति और Israel‑American द्वारा Iran पर किए गए अभूतपूर्व हमले के बाद की स्थिति। ये दोहरी चुनौतियां India के दीर्घकालिक लक्ष्य को परखती हैं, जो strategic autonomy को आर्थिक और defence दोनों क्षेत्रों में परीक्षण करती हैं।
Key Developments
- फ्रांस से Rafale फाइटर जेट (114 यूनिट) की खरीद, दो‑दशकीय वार्तालाप के बाद 2026 में समाप्त हुई।
- India‑EU Free Trade Agreement पर हस्ताक्षर, जिसे US tariff खतरों के प्रतिकार के रूप में प्रस्तुत किया गया।
- U.S. की मांग कि Russian crude आयात को रोकें और Iran के Chabahar port पर उसकी strategic partnership को छोड़ दें।
- U.S. का दबाव कि India अपने stance को BRICS पर मिलाए और de‑dollarisation पर विचार करे।
- घटना March 4, 2026: एक U.S. सबमरीन ने Indian Ocean में Iranian युद्धपोत IRIS Dena को डुबो दिया, जिससे India की क्षेत्रीय नौसैनिक शक्ति की छवि कमजोर हुई।
Important Facts
Rafale डील, महंगी होने के बावजूद, सीमित तकनीकी हस्तांतरण का वादा करती है; स्रोत कोड और एल्गोरिदम फ्रेंच नियंत्रण में रहते हैं, जिससे India को भविष्य के अपग्रेड से बंधा किया जा सकता है। यह Make in India एजेंडा के लिए चिंता उत्पन्न करता है, जो स्वदेशी उत्पादन की तलाश में है।
EU‑India FTA, टैरिफ चिंताओं के बीच जल्दबाजी में किया गया, भारतीय किसानों और औद्योगिक कार्यकर्ताओं के घरेलू विरोध का सामना कर रहा है, जो एक निर्णायक चुनावी ब्लॉक बनाते हैं। इसके अलावा, यूरोपीय साझेदार व्यापार लेवरेज का उपयोग करके राजनीतिक रियायतें निकाल सकते हैं, echoi