Overview
Finance Ministry द्वारा Rules of Origin को सूचित करने के बाद CETA 15 July 2026 से कार्यान्वित होगा। ये नियम Certificate of Origin के लिए मानदंड निर्धारित करते हैं और तृतीय‑देश रूटिंग को रोकते हैं।
Key Developments
- Finance Ministry ने Customs Tariff (Determination of Origin of Goods under CETA) Rules, 2026 जारी किए, जो 15 July 2026 से प्रभावी हैं।
- CBIC ने पुष्टि की कि भारत और U.K. दोनों में अधिकृत निकाय Certificate of Origin जारी कर सकते हैं।
- CETA Indian निर्यातों के 99 % को U.K. में ड्यूटी‑फ्री पहुँच प्रदान करता है, जो लगभग पूरी ट्रेड बास्केट को कवर करता है।
- दो‑तरफ़ा व्यापार 2025‑26 में US$25.12 billion तक बढ़ा, जो पिछले वर्ष से 8.62 % वृद्धि है, और भारत के लिए US$1.76 billion का ट्रेड सरप्लस दर्ज हुआ।
Important Facts
CETA के तहत सेक्टोरल अवसरों में श्रम‑गहन उद्योग जैसे textiles, marine products, leather, footwear, sports goods, toys, और gems & jewellery शामिल हैं, साथ ही तेज़ी से बढ़ते सेक्टर जैसे engineering goods, auto components, और organic chemicals भी हैं। नियम निर्यातकों से यह प्रमाणित करने की मांग करते हैं कि मूल्य संवर्द्धन और प्रोसेसिंग भारत में ही हुई है, न कि तृतीय देश में।
Exam Relevance
CETA को समझना GS III (Economy) और GS II (Polity) के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- यह दर्शाता है कि भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात बढ़ाने और ट्रेड घाटा कम करने के लिए कैसे बातचीत करता है।
- Preferential tariff benefits राजस्व और औद्योगिक नीति को प्रभावित करते हैं।
- Finance Ministry और CBIC की भूमिका अंतर‑विभागीय समन्वय को उजागर करती है।