समीक्षा
Indian Coast Guard (ICG) ने 11 मई 2026 को Chowgule Shipyard के Rassaim Yard में गिडर‑लेइंग समारोह किया। यह कार्यक्रम Aatmanirbhar Bharat कार्यक्रम के तहत 4th, 5th और 6th Air Cushion Vehicles (ACVs) के निर्माण की शुरुआत को दर्शाता है।
मुख्य विकास
- छह स्वदेशी निर्मित ACVs के लिए अनुबंध 24 Oct 2024 को Chowgule & Company Private Limited के साथ हस्ताक्षरित किया गया।
- प्रत्येक ACV में 50% स्वदेशी सामग्री होगी, जो सरकार की घरेलू सामग्री को बढ़ावा देने की नीति को दर्शाती है।
- इन जहाज़ों को उच्च‑गति तटीय पटरोल, उथले जल में जासूसी, दलदल क्षेत्रों और गहरी समुद्र में इंटरसेप्शन, साथ ही दिन‑रात खोज‑और‑बचाव मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है।
- परिनियोजन से भारत की विस्तृत तटरेखा पर रणनीतिक गतिशीलता और परिचालन लचीलापन बढ़ेगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
- जहाज़ों की संख्या: छह ACVs, समारोह में 4th‑6th इकाइयों को कवर किया गया।
- स्वदेशी सामग्री: घटकों का न्यूनतम 50% घरेलू स्रोत से।
- भूमिकाएँ: तटीय पटरोल, इंटरडिक्शन, SAR (Search and Rescue), संकटग्रस्त जहाज़ों को सहायता।
- रणनीतिक प्रभाव: ICG के मौजूदा बेड़े में तेज़‑प्रतिक्रिया क्षमता जोड़ता है, जो समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
UPSC प्रासंगिकता
यह परियोजना रक्षा खरीद, स्वदेशी निर्माण और समुद्री सुरक्षा के संगम को दर्शाती है—जो GS II (Polity) और GS III (Defence & Economy) के मुख्य विषय हैं। ACVs द्वारा प्रदान की गई रणनीतिक गतिशीलता को समझना अभ्यर्थियों को भारत की बल‑प्रक्षेपण क्षमताओं का विश्लेषण करने में मदद करता है। स्वदेशी सामग्री — घरेलू पर जोर...