On May 12, 2026, Indian equity indices ने तीव्र गिरावट दर्ज की, जिसमें Nifty 50 और Sensex क्रमशः 1.8% से अधिक गिरकर 23,379.55 और 74,559.24 अंक पर बंद हुए। यह बिक्री चौथे लगातार ट्रेडिंग दिन तक जारी रही, मुख्यतः कमजोर रुपये और सरकार के नीति संकेतों के कारण।
मुख्य विकास
- Indian rupee ने ₹95.6 per US$ की नई न्यूनतम सीमा को छू लिया, जिससे foreign exchange दबावों को लेकर चिंताएँ बढ़ गईं।
- Prime Minister Narendra Modi ने बड़े foreign exchange की खपत करने वाली खरीदारी में कमी करने का आग्रह किया, जिससे बाजार भावना और भी दब गई।
- वैश्विक तेल कीमतें तेज़ी से बढ़ीं, जिसमें Brent Crude futures 3.7% बढ़कर $107.4 प्रति बैरल हो गए।
- सभी 21 sector‑based indices गिरे, कई 2% से अधिक गिरावट दिखाते हुए, जो व्यापक बाजार गिरावट को दर्शाता है।
- FII पोर्टफोलियो से शुद्ध आउटफ़्लो ₹2 lakh crore को पार कर गया, जो एक ऐतिहासिक न्यूनतम है।
महत्वपूर्ण तथ्य
Nifty 50 के 2,750 स्टॉक्स में से केवल 590 ने उन्नति दर्ज की, जो बिक्री की गहराई को दर्शाता है। विश्लेषकों ने अस्थिरता को दो मैक्रो‑स्तर के जोखिमों से जोड़ा: चल रहा West Asia conflict और लगातार रुपये का अवमूल्यन।
UPSC प्रासंगिकता
इस बाजार घटना को समझना GS‑III (Economy) और GS‑II (Polity) अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि exchange‑rate movements पूंजी प्रवाह, महंगाई और राजकोषीय नीति को कैसे प्रभावित करते हैं।