1 June 2026 को, India‑Oman Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) को लागू किया गया, जिससे Viksit Bharat @2047 के लिए एक रणनीतिक व्यापार कॉरिडोर बनाया गया। इस समझौते से भारत को ओमान को अपने निर्यात का 99.38 % ड्यूटी‑फ्री एक्सेस मिला और ओमान के लॉजिस्टिक्स हब को गल्फ और ईस्ट अफ्रीका के गेटवे के रूप में खोला गया।
Key Developments
- भारतीय निर्यात मूल्य के 99.38 % के लिए शून्य‑ड्यूटी एक्सेस, जो ओमान की टैरिफ लाइनों के 98.08 % को कवर करता है।
- Removal of Non‑Tariff Barriers (NTB) को हटाना और भारतीय उत्पादों के लिए तेज़‑ट्रैक बाजार प्रवेश।
- Acceptance of Export Inspection Council (EIC) प्रमाणपत्रों की स्वीकृति Omani पोर्टों पर।
- Binding commitments for Professional Mobility (ICT) के लिए बंधनकारी प्रतिबद्धताएँ, इंजीनियरिंग, मेडिसिन और आईटी जैसे क्षेत्रों में।
- Oman’s logistics hubs at Sohar, Duqm and Salalah को Indian goods को GCC और East African markets में लॉन्च‑पैड के रूप में सेवा देने के लिए।
- Comprehensive services offer across 127 sub‑sectors, aligned with GATS प्रतिबद्धताओं के अनुरूप।
Important Facts
द्विपक्षीय व्यापार FY 2025‑26 में USD 11.18 बिलियन तक बढ़ा, जो पिछले वर्ष के USD 10.61 बिलियन से अधिक है। यह समझौता टैरिफ लाइनों के 77.79 % (आयात मूल्य के 94.81 %) पर टैरिफ़ को उदार बनाता है, जबकि डेयरी, अनाज और लेदर जैसे संवेदनशील सेक्टरों की सुरक्षा करता है। प्रमुख निर्यात श्रेणियाँ – समुद्री उत्पाद, रत्न एवं आभूषण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग वस्तुएँ और प्रोसेस्ड फूड्स – अब पूर्ण टैरिफ़ उन्मूलन का लाभ लेती हैं, जिससे भारतीय निर्यातकों को उन प्रतिस्पर्धियों के साथ मूल्य समानता मिलती है जिनके पास विशेष पहुंच नहीं है।
सेक्टर‑वार संभावनाएँ शामिल हैं:
- समुद्री उत्पाद: ड्यूटी‑फ्री प्रवेश ने पहले के 5 % ड्यूटी को प्रतिस्थापित किया; आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और गुजरात से निर्यात का विस्तार करने की संभावना।
- रत्न एवं आभूषण: ड्यूटी हटाने से इटली, तुर्की और चीन पर संरचनात्मक लाभ मिलता है; निर्यात तीन वर्षों में छह गुना बढ़कर USD 150 मिलियन हो सकता है।
- कृषि एवं प्रोसेस्ड फूड: शहद के लिए ड्यूटी‑फ्री एक्सेस,