समीक्षा
India ने एक नई जनसांख्यिकीय चरण में प्रवेश किया है। The latest Sample Registration System (SRS) report shows the Total Fertility Rate (TFR) at 1.9 बच्चों प्रति महिला, वैश्विक औसत 2.2 और replacement level 2.1 से नीचे। यह उच्च‑वृद्धि से कम‑प्रजनन की दिशा में बदलाव को दर्शाता है।
मुख्य विकास
- ग्रामीण TFR replacement के करीब बना रहता है, जबकि शहरी TFR 1.5 तक गिर गया है।
- Delhi ने ultra‑low TFR 1.2 दर्ज किया; Kerala, Tamil Nadu और West Bengal 1.3 पर हैं।
- Bihar (TFR 2.9), Uttar Pradesh (2.6), Madhya Pradesh (2.4) और Rajasthan (2.3) replacement से ऊपर बने रहते हैं।
- India’s elderly population (aged 60+) लगभग 150 million है और 2050 तक 347 million तक बढ़ने की संभावना है, जो कुल जनसंख्या का लगभग एक‑पाँचवाँ हिस्सा है।
- Fiscal क्षमता कमजोर है: प्रति व्यक्ति आय लगभग $2,800 है, और केवल लगभग 6 % जनसंख्या net direct taxpayers हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
जनसांख्यिकीय बदलाव असमान है। कुछ राज्य तेजी से वृद्धावस्था प्रोफ़ाइल की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि अन्य अगले दो दशकों तक बड़ी श्रम शक्ति प्रदान करते रहेंगे। मौजूदा सुरक्षा जाल सीमित हैं। Atal Pension Yojana निरंतर योगदान पर निर्भर करती है, जिसे कई अनौपचारिक कार्यकर्ता सुनिश्चित नहीं कर सकते। National Social Assistance Programme 60‑79 आयु वर्ग के लिए केवल ₹200 प्रति माह और 80 से ऊपर के लिए ₹500 प्रदान करता है, जो पर्याप्त नहीं है।
लगभग 70 % वृद्ध परिवार पर निर्भर हैं, और 78 % के पास कोई पेंशन कवरेज नहीं है, यह NITI Aayog के अनुसार है। शहरीकरण, प्रवास और महिलाओं की बढ़ती आकांक्षाओं के कारण पारंपरिक संयुक्त परिवार सुरक्षा जाल कमजोर हो रहा है।
UPSC प्रासंगिकता
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