Union Health Ministry ने NHA अनुमान 2022‑23 के लिए 27 May 2026 को जारी किए। रिपोर्ट दर्शाती है कि कुल स्वास्थ्य खर्च में OOPE का हिस्सा 64.2% (2013‑14) से घटकर 43.4% (2022‑23) हो गया। उसी समय, Government Health Expenditure 1.15% से 1.43% GDP तक बढ़ा और प्रति‑व्यक्ति खर्च लगभग तीन‑गुना बढ़ा।
Key Developments
- एक दशक में OOPE का हिस्सा 21 प्रतिशत अंक गिरा, जो घरों पर वित्तीय दबाव में कमी दर्शाता है।
- सरकारी स्वास्थ्य खर्च 2022‑23 में GDP का 1.43% और कुल सरकारी खर्च का 4.89% तक बढ़ा।
- प्रति‑व्यक्ति सरकारी स्वास्थ्य खर्च 2013‑14 से 2022‑23 के बीच ₹1,042 से ₹2,786 तक बढ़ा।
- COVID‑19 आपातकाल (2021‑22) के दौरान स्वास्थ्य खर्च GDP का 1.84% तक पहुंचा, जिससे उस वर्ष OOPE 39.4% तक गिर गया।
- सामाजिक सुरक्षा स्वास्थ्य खर्च कुल स्वास्थ्य खर्च में 6% से 9.9% तक बढ़ा।
- निजी स्वास्थ्य बीमा कवरेज कुल स्वास्थ्य वित्तपोषण में 3.4% से 9.2% तक बढ़ा।
Important Facts
- OOPE में गिरावट का कारण भारत में 1.8 lakh Ayushman Arogya Mandir केंद्रों का संचालन है।
- इन केंद्रों में 12 विस्तारित पैकेजों के तहत मुफ्त सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जिसमें प्रजनन स्वास्थ्य, संक्रामक और गैर‑संक्रामक रोग, मुफ्त दवाएँ, निदान, टेली‑कंसल्टेशन और वेलनेस सत्र शामिल हैं।
- फार्मास्यूटिकल खरीदारी—जिसमें विटामिन, प्रोटीन सप्लीमेंट और अन्य स्वास्थ्य सप्लीमेंट शामिल हैं—OOPE का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है।
- रिपोर्ट System of Health Accounts (SHA) 2011 फ्रेमवर्क का पालन करती है, जिसे National Health Accounts Technical द्वारा तैयार किया गया है।